पंजाब के खिलाफ जीत के बाद अक्षर पटेल कैच छोड़ने को लेकर विवादों में घिर गए। हालांकि गेंद फ्री-हिट थी। बाद में स्लो ओवर रेट पर उन पर 12 लाख का जुर्माना लगा।
धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल 2025 का 55वां मैच बीते सोमवार को खेला गया। इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। इस मुकाबले में शानदार खेल के बाद एक तरफ जहां टीम की तारीफ में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कप्तान अक्षर पटेल किसी अलग ही विवाद के चलते आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। जी हां, इस मुकाबले में कप्तान साहब की तरफ से कुछ ऐसा हो गया, जिसके बाद फैंस उन पर शक करने लगे हैं। आइए इस बारे में तफसील से बात करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
धर्मशाला में मैच के दौरान पंजाब किंग्स की पारी के समय कप्तान अक्षर पटेल का सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो एक बेहद आसान से कैच को पकड़ने की कोशिश नहीं करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद उन्होंने उस आसान से कैच को छोड़ दिया।
अब अक्षर पटेल का ये कैच वाला वीडियो सोशल मीडिया में यूजर्स के द्वारा खूब देखा जा रहा है। फैंस इस कैच को छोड़ने के बाद उन्हें विलेन की तरह पेश कर रहे हैं। कुछ यूजर्स का तो मानना है कि कप्तान पटेल के द्वारा ये गलती जानबूझकर की गई है और वो ये सब फिक्सिंग के तहत कर रहे थे।
सच्चाई क्या है?
सोशल मीडिया पर जब ये मामला बढ़ने लगा और ज्यादा लोगों की पहुंच तक जाने लगा, तो फिर कुछ ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की। जब इस वीडियो व कैच की हकीकत सामने आई, तो पता चला कि जिस गेंद पर अक्षर पटेल ने कैच छोड़ा था, दरअसल वो फ्री हिट थी। डीसी के गेंदबाज ने उससे पहले एक नो-बॉल फैंकी थी। नियम के अनुसार किसी भी फ्री-हिट गेंद पर कैच मान्य नहीं होता है। यही कारण था कि कप्तान अक्षर पटेल ने उस कैच को पकड़ने में किसी भी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
BCCI ने फिर क्यों ठोका 12 लाख का भारी जुर्माना?
हालांकि दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल कैच वाले मामले में खुद को सही साबित कर पाए हो, लेकिन वो अपनी टीम को अनुशासन के मोर्चे पर नहीं संभाल पाए। पीबीकेएस के खिलाफ मुकाबले में बीसीसीआई ने दिल्ली कैपिटल्स पर स्लो ओवर रेट के चलते दंडात्मक कार्यवाही की है। जिसके लिए बोर्ड ने कप्तान अक्षर पटेल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। बता दें कि ये इस सीजन का पहला स्लो ओवर रेट वाला मामला था।
