उज्जैन: चंद रुपयों के लालच में फर्जी और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों तथा क्लिनिकों पर अब प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. मंछामन कॉलोनी स्थित जनसेवा नोबेल पॉली क्लिनिक में 11 वर्षीय बालिका दिव्या सूर्यवंशी की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है.
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक पटेल ने विशेष जांच दल गठित किए हैं, जिन्होंने शहरभर में अस्पतालों और क्लिनिकों की सघन जांच शुरू कर दी है.
भाग गए अस्पताल संचालक
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है. कई संचालक जांच दल के पहुंचने से पहले ही क्लिनिक बंद कर गायब हो गए, तो कुछ ने शहर से बाहर होने का बहाना बना लिया. कई अस्पतालों में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जबकि कुछ स्थानों पर संचालक ही नदारद पाए गए. इससे स्पष्ट हो गया कि लंबे समय से बिना वैध डिग्री, बिना पंजीयन और नियमों की अनदेखी करते हुए अस्पतालों का संचालन किया जा रहा था.
38 अस्पताल नियम विरुद्ध संचालित
स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच की. इस दौरान पंजीयन प्रमाणपत्र, दस्तावेजों और डॉक्टरों की डिग्रियों की पड़ताल की गई. दो दिन की कार्रवाई में रविवार को 10 और सोमवार को 28, कुल 38 अस्पताल एवं क्लिनिक बिना वैध पंजीयन या नियमों के विपरीत संचालित पाए गए.
नोटिस जारी
सभी संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और तत्काल वैध पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं. निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
सूत्रों के अनुसार शहर में कुछ लोग मोटी कमाई के लालच में बिना योग्यता और बिना अनुमति अस्पताल चला रहे थे. ऐसे संस्थानों में मरीजों की जान जोखिम में डालकर उपचार किया जा रहा था. मासूम दिव्या सूर्यवंशी की मौत ने इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने इसे अभियान के रूप में लेते हुए लगातार कार्रवाई शुरू कर दी है.
लगातार कार्रवाई
अब स्वास्थ्य विभाग उन सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिकों को चिन्हित कर रहा है जो बिना डिग्रीधारी चिकित्सकों, अपूर्ण दस्तावेजों या बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं. इस अभियान के चलते फर्जीवाड़ा करने वाले कई संचालक भूमिगत हो गए हैं.
बुधवार को भी जारी रहेगा अभियान
सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि जांच अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा. जो डॉक्टर और संचालक जांच से बचने के लिए क्लिनिक बंद कर भाग गए हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
