शिवपुरी: लालगढ़ गांव में अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. खेतों में खड़ी फसल कुछ ही मिनटों में बर्बादी में बदल गई. ग्रामीणों के अनुसार, करीब 50 ग्राम से ज्यादा वजन के ओले गिरे, जिससे सरसों, गेहूं, प्याज और टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. गांव के किसानों का कहना है कि इस बार फसल अच्छी थी और पैदावार से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन बेमौसम ओलावृष्टि ने उनकी सालभर की कमाई छीन ली.
लालगढ़ गांव में मौसम अचानक बदला और तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे. किसानों ने बताया कि ओलों का आकार इतना बड़ा था कि खेतों में खड़ी पक्की सरसों और गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई. कई जगह तो फसल पूरी तरह से गिरकर खराब हो गई. जिन किसानों ने हाल ही में प्याज की रोपाई की थी, उनकी क्यारियां भी बर्बाद हो गईं. टमाटर की फसल में भी भारी नुकसान देखने को मिला है. किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि करीब 15 से 20 मिनट तक चली, लेकिन इस थोड़े से समय में खेतों की तस्वीर बदल गई.
कई खेतों में सरसों की फसल पूरी तरह गिर चुकी है. पौधों में दाने कम और पत्तियां ज्यादा दिखाई दे रही थीं, जिससे साफ है कि उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा. गेहूं की फसल भी ओलों की मार से झुक गई है, जिससे दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई के करीब थी, ऐसे में नुकसान और भी ज्यादा हुआ है. जिन किसानों ने कर्ज लेकर बीज और खाद डाली थी, वे अब गहरे संकट में हैं.
