नयी दिल्ली | इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 19वां सीजन अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। जैसे-जैसे यह टूर्नामेंट अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कई फ्रेंचाइजी टीमों ने अपने प्रदर्शन का कड़ा विश्लेषण करना शुरू कर दिया है। अंदरूनी सूत्रों और ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार खराब खेल और प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के चलते कम से कम तीन प्रमुख टीमों के कप्तानों को उनके पद से हटाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। कप्तानी के इस बड़े खतरे के साये में जो तीन दिग्गज खिलाड़ी सबसे आगे चल रहे हैं, उनमें लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत, दिल्ली कैपिटल्स (DC) के कप्तान अक्षर पटेल और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान अजिंक्य रहाणे का नाम शामिल है।
इन तीनों फ्रेंचाइजी के प्रबंधन की नाराजगी के पीछे केवल टीमों की लगातार हार नहीं, बल्कि बतौर कप्तान इन खिलाड़ियों का व्यक्तिगत रूप से बेहद खराब प्रदर्शन भी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने इस पूरे सीजन के 11 मैचों में महज 251 रन बनाए हैं और वे पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ 9 छक्के ही लगा सके। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल भी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए, जिन्होंने 9 पारियों में मात्र 100 रन जोड़े और गेंदबाजी में भी 8.08 की महंगी इकोनॉमी से केवल 10 विकेट चटकाए। दूसरी तरफ, कोलकाता नाइट राइडर्स की कमान संभाल रहे अजिंक्य रहाणे का बल्ला भी इस साल पूरी तरह शांत रहा, जहां उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक की मदद से केवल 237 रन बनाए हैं।
लगातार दो सीजन तक प्लेऑफ में जगह न बना पाना इन बड़ी टीमों के ब्रांड वैल्यू और प्रशंसकों के भरोसे को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। यही वजह है कि सभी तीनों टीमों का शीर्ष प्रबंधन अब भविष्य की ओर देख रहा है और अगले साल यानी आईपीएल सीजन 20 के लिए नए, युवा और ऊर्जावान कप्तानों की तलाश में जुट गया है। इसके लिए टीमें आगामी मेगा नीलामी (ऑक्शन) और ट्रेड विंडो का आक्रामक तरीके से उपयोग करने की योजना बना रही हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल का यह सीजन जहां युवा खिलाड़ियों के उभार के लिए जाना जाएगा, वहीं अनुभवी कप्तानों की विफलता के कारण सीजन खत्म होते ही इन टीमों में बड़े बदलावों की आधिकारिक घोषणा होना निश्चित है।

