नयी दिल्ली, 23 फरवरी (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में आई उन रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया है कि ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के छह लोगों को उनके नियोक्ता ने पिछले छह महीनों से थाईलैंड के बैंकॉक के पास एक इलाके में बंधक बनाकर रखा है।
एनएचआरसी ने आज बताया कि रिपोर्टाें के अनुसार, यह घटना इस माह 17 तारीख को तब सामने आई जब पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्हें कारखाने के अंदर कैद कर उनके नियोक्ता द्वारा शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जा रही है। आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सत्य है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
आयोग ने विदेश मंत्रालय से इस संबंध में टिप्पणी मांगी है कि क्या वे पीड़ितों के परिवारों को किसी प्रकार की सहायता प्रदान कर सकते हैं। आयोग के अनुसार 19 फरवरी को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित पिछले साल अगस्त में ये सभी एक श्रम ठेकेदार के माध्यम से थाईलैंड गए थे, जिसने उन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी का वादा किया था। हालांकि, उन्हें प्लाईवुड कारखाने में बिना वेतन और उचित भोजन के प्रतिदिन 12 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया गया। बताया जाता है कि उनके नियोक्ता ने उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लिए हैं। उन्होंने देश की एजेंसियों से उनकी वापसी में सहायता करने की अपील की है।

