
शाजापुर। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग कितना सजग और सक्रिय है इसका उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला. जब परीक्षा केंद्र पर बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठकर बोर्ड का पहला पेपर हल करना पड़ा. पानी गिरने के कारण वहां बिछाई गई टाटपट्टी भी भीग गई, जिसके चलते बच्चों को ठिठुरते हुए और भिगते हुए परीक्षा देना पड़ी.
जिले के ग्राम पिपलिया गोपाल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को कक्षा 5वी और 8वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों को टपकती छत के नीचे बैठना पड़ा. हिंदी का पहला पेपर दे रहे 144 विद्यार्थी टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे, तभी बारिश शुरू हो गई. बारिश के कारण परीक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने लगा, जिससे बच्चों को भीगते हुए परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा. परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक था. इसी दौरान बारिश शुरू हो गई और परीक्षा कक्ष में पानी भरने लगा.जिससे बचने के लिए परीक्षा कक्ष में बाल्टी और मग रखकर पानी को फैलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद टाटपट्टी और फर्श गीले हो गए थे, बच्चों के कपड़ों पर भी पानी टपक रहा था.
तीन दिन पहले भी बच्चों से साफ करवाए थे टॉयलेट
इसी विद्यालय में तीन दिन पहले भी हंगामा हुआ था, जब एक शिक्षक फजल ने बच्चों से बोर्ड परीक्षा का हवाला देकर वहां के टॉयलेट और बाथरूम साफ करवाए थे, जब यह मामला उजागर हुआ तो स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था. अब एक बार फिर शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है, जहां छात्रों को ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ी. मामले को लेकर शिक्षिका शबाना परवीन ने बताया कि उन्हें बारिश होने की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होते ही बारिश भी आ गई, अचानक छत के रास्ते क्लास में पानी आना शुरू हो गया.
