नॉरफॉक (वर्जीनिया) | ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने और बेहद संवेदनशील जानकारी लीक करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। टेम्स वैली पुलिस द्वारा गुरुवार को की गई इस कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ताजा खुलासों के अनुसार, एंड्रयू पर आरोप है कि उन्होंने यूके ट्रेड दूत (Trade Envoy) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कुख्यात अमेरिकी सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन को कई गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे। पुलिस ने हालांकि आधिकारिक बयान में सीधे तौर पर नाम नहीं लिया है, लेकिन साठ वर्षीय व्यक्ति की गिरफ्तारी और जेफरी एपस्टीन फाइलों के नए तथ्यों ने उनकी संलिप्तता की ओर पुख्ता इशारा किया है।
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने पूर्व प्रिंस एंड्रयू से जुड़े कई ठिकानों पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पुलिस वर्तमान में पूर्वी इंग्लैंड के नॉरफॉक और लंदन के पश्चिम में स्थित बर्कशायर के दो प्रमुख पतों पर सघन तलाशी अभियान चला रही है। जांच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य उन डिजिटल साक्ष्यों और भौतिक दस्तावेजों को बरामद करना है, जो एपस्टीन और एंड्रयू के बीच हुए अनधिकृत संचार की पुष्टि कर सकें। पिछले हफ्ते सामने आईं एपस्टीन की फाइलों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यह संबंध केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों के अवैध आदान-प्रदान तक फैला हुआ था।
इस गिरफ्तारी के बाद ब्रिटिश राजघराने की साख और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। जेफरी एपस्टीन से जुड़े पुराने विवादों के बाद यह नया खुलासा एंड्रयू के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ा सकता है, क्योंकि ‘सरकारी पद पर दुराचार’ एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लीक किए गए दस्तावेजों का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया था। इस घटनाक्रम ने न केवल ब्रिटेन बल्कि अमेरिका की राजनीति में भी हड़कंप मचा दिया है।

