बागलकोट (कर्नाटक) | कर्नाटक के बागलकोट जिले के पुराने शहर में गुरुवार को शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब मस्जिद इलाके से गुजर रहे जुलूस पर कथित तौर पर पथराव किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। उपद्रवियों द्वारा दूर से फेंके गए दो पत्थर ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को लगे, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस की मौजूदगी के कारण जुलूस को सुरक्षित आगे बढ़ाया गया, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
बिगड़ते हालातों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने बागलकोट के संवेदनशील हिस्सों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। यह निषेधाज्ञा 19 फरवरी की आधी रात से 24 फरवरी की आधी रात तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने, हथियार ले जाने और बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के सभा या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
पुलिस प्रशासन अब मस्जिद के पास लगे सीसीटीवी कैमरों और जुलूस की वीडियो रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच कर रहा है। एसपी सिद्धार्थ गोयल ने स्पष्ट किया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, तेलंगाना के हैदराबाद से भी एक यूट्यूबर पर हमले और नारेबाजी की खबर आई है, जिसे देखते हुए दक्षिण भारत के कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

