उज्जैन: इस बार का महाकुंभ सबसे बेहतर किए जाने की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा अनुसार की जा रही है.ऐसे में सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह को जो कमान सौंप गई है,उसमें वह अब तक की योजनाओं को धरातल पर उतारने में खरे साबित हुए हैं, यही कारण है कि अब प्रति सप्ताह तीन दिन तक लगातार की कुम्भ के कार्यों पर चर्चा की जाएगी.
सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त आशीष सिंह के द्वारा आगामी कुम्भ के अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक प्रति सप्ताह मंगलवार गुरुवार और शनिवार को की जाएगी. इस संबंध में समस्त नोडल अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए है.
नोडल अफ़सरो की ली मीटिंग
मेला अधिकारी श्री सिंह द्वारा सिंहस्थ के विभिन्न कार्यों के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों के साथ बैठक सिंहस्?थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में की जाएगी.
मंगलवार को मंदिर व अन्य पर चर्चा
प्रति मंगलवार दोपहर 2.30 बजे बैठक में सिंहस्थ 2028 वाहन व्यवस्था, बाहृया सड़क प्रबंधन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सीवर संरचना, शौचालय सुविधाएं, श्री महाकालेश्वर दर्शन व्यवस्था एवं अन्य प्रमुख मंदिरों की दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन तथा आंतरिक मार्ग व्यवस्था, लोक परिवहन, प्रकाश व्यवस्था, फायर प्लान, मेला क्षेत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेशवाई तथा शाही स्नान मार्ग, मेला क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालयों की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.
गुरुवार को पार्किंग व अन्य विषय
प्रति गुरुवार दोपहर 2.30 बजे प्रोटोकॉल व्यवस्था, अधिकारियों/ कर्मचारियों के ठहरने आदि की व्यवस्था, पार्किंग, सैटेलाइट टाउन्स, रेलवे संबंधी निर्माण कार्य, मीडिया प्लान, डाइवर्ट पॉइंट ऑफ़ अल्टरनेट रूट, टेलीकॉम सर्विसेज की समीक्षा की जाएगी.
शनिवार को स्वास्थ्य,पंचक्रोशी
ेइसी प्रकार प्रति शनिवार प्रातः 11.30 बजे स्वास्थ्य सुविधाएं, कंट्रोल कमांड सेंटर, खाद्य सुरक्षा, पेयजल व्यवस्था, मलिटी कंट्रोल हेतु सिस्टम, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग, पंचक्रोशी यात्रा व्यवस्था, घाटों की व्यवस्थाएं, नगर सौंदर्यीकरण, संकेतक चिन्ह एवं सूचना प्रसारण की समीक्षा की जाएगी.
इनका कहना है…
समय काम है काम ज्यादा है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशाअनुसार 30, हजार करोड़ के विकास कार्य, निर्माण कार्य, चौड़ीकरण,सौंदर्यकरण,बड़े पैमाने पर महाकाल की नगरी उज्जैन में चल रहे हैं. 2027 के पहले अधिकतर निर्माण कार्य पूरे किया जाना है, इसके लिए अब लगातार मॉनेटरिंग की आवश्यकता है यही कारण है कि सप्ताह में तीन दिन उन सभी नोडल अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी जो कार्य प्राथमिकता पर पूरे किया जाना है.
– आशीष सिंह, सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं संभाग आयुक्त उज्जैन
