सीहोर। गीता जयंती पर आवासीय खेल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में भगवद्गीता के 15वें अध्याय के सामूहिक पाठ का वाचन किया गया.
कार्यक्रम में नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, कलेक्टर बालागुरू के. एसपी दीपक कुमार शुक्ला, जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, पं.मोहितराम पाठक, सदगुरू विद्यापीठ के नरेश तिवारी शामिल हुए. गुरुकुल के छात्रों द्वारा गीता के श्लोक एवं संगीता संगीत महाविद्यालय द्वारा प्रेरणा गीत का गायन किया.
इस अवसर पर नपाध्यक्ष श्री राठौर ने कहा सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास के साथ साथ धर्म-संस्कृति के संरक्षण और इन्हें आगे बढ़ाने का काम कर रही है. उन्होंने गीता के सार और उसमें निहित जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता मनुष्य को कर्म, ज्ञान और भक्ति के समन्वित मार्ग पर चलना सिखाती है. महंत उद्धवदास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग सिद्धांत से निष्ठापूर्वक अपने कर्मपथ पर दृढ़ होकर चलने की अभिप्रेरणा मिलती है. महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन के गहन संशयों और जिज्ञासाओं से उपजे प्रश्नों के समाधान स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण ने ज्ञान-योग, कर्म-योग और भक्ति-योग के त्रि-गत संयोग से सनातन के आधारभूत चिंतन की भाव-भूमि तैयार की है, जो आज भी और आने वाली पीढिय़ों को भी अपने आलोक से ऊर्जस्वित करती रहेगी. श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय मनीषा के दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सद्कर्म के माध्यम से मनुष्य को दिव्यता का अनुभव करा देती है। कार्यक्रम में डीईओ संजय सिंह तोमर, प्राचार्य आलोक शर्मा व सभी विभागों के जिलाधिकारी शामिल हुए.
जिला जेल में कैदियों ने किया गीता के अध्याय का वाचन
अंतराष्ट्र्रीय गीता जयंती के अवसर सीहोर जिला जेल में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर जेल के बंदियों द्वारा श्रीमद् भागवत गीता के 15 अध्याय का वाचन किया गया. कार्यक्रम के दौरान सभी बंदियों को गीता के ज्ञान से परिचित कराया गया और सभी बंदियों ने सतमार्ग पर चलने एवं अनैतिक कर्म न करने की शपथ ली. इस अवसर पर जेल अधीक्षक सुश्री प्रतिभा पटेल, उप अधीक्षक अक्षय सिंहोक्त के सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
