
सीहोर। हीरापुर की प्राथमिक शाला में अनुबंध निरस्त होने के बाद भी समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाने के मामले में जनपद सीईओ की फाइनल रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं.
इस आदेश के अनुसार शासकीय माध्यमिक शाला हीरापुर के तात्कालीन प्रधानाध्यापक सईद खां किरण स्व सहायता समूह हीरापुर के अध्यक्ष-सचिव को यह राशि आधी-आधी वापस करना होगी।
जिले के बरखेड़ा हसन संकुल केंद्र की प्राथमिक शाला हीरापुर में शिक्षक और समूह की साठगांठ के चलते बिना अनुमति करीब डेढ़ साल तक मध्यान्ह भोजन बनाकर बच्चों को दिया था. खास बात यह थी कि मध्यान्ह भोजन संबंधी शिकायतों को लेकर किरण स्व सहायता समूह का अनुबंधन निरस्त कर दिया गया था और शाला प्रबंध समिति से मध्यान्ह भोजन बनाने के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद भी उस समय संस्था प्रभारी रहे शिक्षक सईद खां ने समूह से ही मध्यान्ह भोजन बनवाया और बच्चों को बंटवाया. गई बार इसकी शिकायतें भी हुईं, लेकिन शिकायत के बाद भी संबंधित प्रभारी शिक्षक ने कोई जवाब नहीं दिया. ऐसे में लगातार समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाया गया. इस दौरान करीब 1 लाख 7 हजार 256 रुपए का भुगतान एवं खाद्यान्न का लाभ मध्यान्ह भोजन को पहुंचाया गया. यही नहीं स्कूल के साथ-साथ आंगनवाड़ी में भी किरण स्व सहायता समूह मध्यान्ह भोजन देता रहा. ऐसे में अब जनपद सीईओ के प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत सीईओ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक सईद खां और किरण स्व सहायता समूह से 34 हजार 271 रुपए वसूली के आदेश जारी किए हैं.
शिक्षक ने दिया था झूठा प्रतिवेदन
महिला एवं बाल विकास परियोजना दोराहा के परियोजना अधिकारी ने 23 जनवरी 24 को आदेश जारी करते हुए किरण स्व सहायता समूहक को प्राथमिक शाला और आंगनवाड़ी से भोजन बनाने के कार्य से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन समूह के पदाधिकारियों ने स्कूल प्रभारी सईद खां से मिलकर गलत जानकारी वरिष्ठ कार्यालय भेजते हुए समूह से भोजन बनवाने का काम जारी रखा. दोबारा शिकायत के बाद शिक्षक सईद खां ने हस्तलिखित स्वयं की मोहर व हस्ताक्षर से झूठा पालन प्रतिवेदन दिया था कि मध्यान्ह भोजन एसएमसी द्वारा बनाया जा रहा है। तब से ही यह यह समूह स्कूल और आंगनवाड़ी में भोजन सप्लाय करता आ रहा था.
