विश्व दलहन दिवस पर संयुक्त राष्ट्र ने विशेष प्रदर्शनी लगायी

रोम, 10 फरवरी (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र संघ से संबंधित खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने मंगलवार को विश्व दलहन दिवस के अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया।

इस प्रदर्शनी का नाम पल्सेज ऑफ द वर्ल्ड: फ्रॉम मॉडेस्टी टू एक्सीलेंस (दुनिया की दालें: सादगी से उत्कृष्टता तक) रखा गया है। यह प्रदर्शनी 10 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक चलेगी, जिसमें एफएओ कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य उन फसलों को केंद्र में लाना है जिन्हें अक्सर ‘हाशिए पर’ रखा जाता है, जबकि वे स्वस्थ आहार और टिकाऊ कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए सबसे शक्तिशाली समाधानों में से एक हैं।

एफएओ की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है।

इसमें कहा गया है कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से दुनिया भर की दालों और उनके विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। यहाँ आने वाले आगंतुक न केवल दालों की विविधता और उनके पोषण संबंधी लाभों को जान सकेंगे, बल्कि यह भी देख सकेंगे कि इनकी खेती से पर्यावरण कैसे समृद्ध होता है। पारंपरिक व्यंजनों से लेकर आधुनिक खाद्य उत्पादों तक, यह प्रदर्शनी स्पष्ट करती है कि दालें आधुनिक और टिकाऊ आहार का अनिवार्य हिस्सा हैं। मल्टीमीडिया सामग्री के जरिए खेती की प्रणालियों, नवाचारों और बेहतर आजीविका के अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी।

एफएओ के अनुसार दलहन पोषक तत्वों से समृद्ध हैं, और वे खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वरदान हैं। बीन्स, चने और मटर जैसी लोकप्रिय दालें 2030 के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये विशेष रूप से भुखमरी मिटाने, अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, टिकाऊ उपभोग सुनिश्चित करने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करती हैं, क्योंकि इनकी खेती में पानी की खपत कम होती है और ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2016 के ‘अंतर्राष्ट्रीय दलहन वर्ष’ की अपार सफलता के बाद, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 फरवरी को ‘विश्व दलहन दिवस’ के रूप में मान्यता दी थी। हालांकि, आज भी एक बड़ी चुनौती यह है कि कई विकसित और विकासशील देशों में प्रति व्यक्ति दालों की खपत में गिरावट आई है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर दालों को ‘कम लागत वाले आहार’ या ‘ग्रामीण भोजन’ के रूप में देखा जाता है। 2026 की यह थीम इन्हीं भ्रांतियों को चुनौती देती है और आधुनिक, स्वस्थ जीवनशैली में दालों की वास्तविक उत्कृष्टता का जश्न मनाती है।

 

 

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