
सीधी। जिले सहित जिला अस्पताल सीधी में जनता की लचर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समाजसेवी नीरज गुप्ता द्वारा जब जन सुनवाई में कलेक्टर से शासन के नियमों के विपरीत शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस सहित 20 बिन्दुओं की प्रमाण सहित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई तो कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को कार्यवाही के निर्देश दिये।
शिकायतकर्ता अर्जुन मानव कल्याण समिति सीधी अध्यक्ष नीरज कुमार गुप्ता द्वारा की गई शिकायत का प्रमुख विषय जिला सीधी में शासन के नियमों व निर्देशों के विपरीत शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस, निजी अस्पतालों नर्सिंग होम में कार्य,मेडिकल स्टोर चिकित्सक से गठजोड़ कर मेडिकल स्टोर में अवैध चिकित्सकीय परामर्श, मरीजों से बिना रसीद नगद शुल्क वसूली, मेडिकल और बिना पैथोलॉजिस्ट संचालित पैथोलॉजी लैब सहित बिना पंजीयन अनाधिकृत रूप से संचालित क्लीनिक-पैरा मेडिकल क्लीनिक एवं जिला चिकित्सालय के आवासीय परिसर में किये गये अतिक्रमण रहा है। शिकायतकर्ता श्री गुप्ता ने कलेक्टर से उक्त शिकायत कर जाँच कराकर सख्य कार्यवाही की मांग की गई है।
शासकीय चिकित्सक शासन के आदेश का कर रहे उत्लघंन
शिकायतकर्ता नीरज कुमार गुप्ता द्वारा जनसुनवाई में कलेक्टर को दिये गये शिकायती आवेदन में शासन के आदेश का उल्लेख करते हुये स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा शासकीय चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति वर्ष 1999 में जो प्रदान की गई थी वो सीमित एवं नियंत्रित है। शासन के दिनांक 13 जनवरी 1999 एंव 7 अगस्त 2013 के आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि निजी प्रैक्टिस केवल कर्तव्य समय के बाहर की जा सकती है। निजी प्रैक्टिस केवल स्वयं के निवास पर सीमित परामर्श तक ही अनुमन्य है, न कि भर्ती, आपरेशन अथवा संस्थागत चिकित्सा कार्य हेतु । निजी अस्पताल, नर्सिंग होम अथवा मेडिकल स्टोर में बैठकर कार्य करना निषिद्ध है। निजी प्रैक्टिस केवल स्वयं के निवास पर सीमित परामर्श तक ही अनुमन्य है, भर्ती, आपरेशन, जाँच अथवा संस्थागत चिकित्सा पूर्णतः प्रतिबंधित है। उसके बावजूद जिला सीधी में शासकीय चिकित्सक शासन के आदेश का खुलेआम उल्लघंन कर रहे हैं।
प्रभारी सिविल सर्जन को शासन के ओदश की नही है जानकारी !
समाजसेवी एवं अर्जुन मानव कल्याण समिति सीधी अध्यक्ष नीरज कुमार गुप्ता दुवारा आज जब नवागत सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला अस्पताल सीधी के.बी. प्रजापति से मुलाकात कर शासकीय चिकित्सक के निजी प्रैक्टिस से संबधित शिकायती आवेदन देकर शासन के आदेश के बारे में चर्चा की गई तो उन्होने शासन के आदेश की जानकारी को लेकर अनभिज्ञता जताते हुए इस विषय में शासन स्तर पर मांग रखने की बात कही गई।
कलेक्टर ने 7 दिवस में सीएमएचओं को दिये कार्यवाही के निर्देश
अर्जुन मानव कल्याण समिति सीधी अध्यक्ष नीरज कुमार गुप्ता की जनसुनवाई में मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे को शिकायत पर 7 दिवस में समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये।
इनका कहना है
जिला सीधी जो कि सामाजिक -आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा जिला है जहाँ ग्रामीण एवं आदिवासी जनसंख्या का अनुपात उल्लेखनीय है। वहाँ शासन द्वारा आम नागरिकों को सुलभ, निःशुल्क एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। परंतु अत्यंत खेद के साथ यह अवगत कराना आवश्यक है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था का व्यापक दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे गरीब ग्रामीण एवं आदिवासी नागरिकों का आर्थिक एवं चिकित्सकीय शोषण बढ़ता जा रहा है। जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर मेरे द्वारा प्रमाण सहित जनसुनवाई में आज कलेक्टर से लिखित शिकायत की गई है।
नीरज कुमार गुप्ता
अध्यक्ष
अर्जुन मानव कल्याण समिति
सीधी
इनका कहना है
जनसुनवाई में कलेक्टर सोमवंशी द्वारा शिकायकर्ता नीरज कुमार गुप्ता अध्यक्ष अर्जुन मानव कल्याण समिति सीधी की दी गई शिकायत की तत्काल प्रभाव से जाँच कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
डॉ० बबीता खरे सीएमएचओ
जिला सीधी
