
लन्दन। ब्रिटेन की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब अमेरिका में राजदूत पद पर पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए। एक ओर सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर विपक्ष हमलावर है, वहीं दूसरी ओर लेबर पार्टी के भीतर संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
पीटर मैंडेलसन की राजनयिक नियुक्ति से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक होने के बाद स्टारमर सरकार पर राजनीतिक जवाबदेही का दबाव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इतनी संवेदनशील नियुक्ति से पहले पर्याप्त जांच-पड़ताल नहीं की गई, जबकि सरकार का कहना है कि जैसे ही विवादित जानकारियां सामने आईं, कदम उठाए गए और दस्तावेज़ जारी करने का आश्वासन दिया गया। स्टारमर ने भी स्वीकार किया है कि नियुक्ति को लेकर उनसे चूक हुई और बाद में सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
इसी बीच यह विवाद केवल नैतिक और प्रशासनिक सवालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लेबर पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को भी हवा दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दबाव और बढ़ता है तो पार्टी वैकल्पिक चेहरों पर विचार कर सकती है। पूर्व डिप्टी प्रधानमंत्री एंजेला रेयनर और ब्रिटेन की ग्रह सचिव और लेबर पार्टी की सदस्य शबाना महमूद जैसे नामों की चर्चा पार्टी के भीतर संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखी जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने ब्रिटेन की राजनीति में दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है,एक तरफ सरकार की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कायम रखने की जिम्मेदारी, तो दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व की स्थिरता बनाए रखने की परीक्षा। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं यह तय करेंगी कि मामला केवल नियुक्ति विवाद तक सीमित रहेगा या ब्रिटेन की सत्ता राजनीति में बड़े बदलाव की भूमिका तैयार करेगा।
