मुंबई (वार्ता) बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में आरोपी आकाशदीप करज सिंह को जमानत दे दी।
वह इस मामले में पहला आरोपी है जिसे न्यायालय ने जमानत दी है।
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर, 2024 को बांद्रा में उनके कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शहर की अपराध शाखा ने शूटर, हथियार आपूर्तिकर्ता , फाइनेंसर और हत्यारों की मदद करने वालों सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और जनवरी में कड़े मकोका अधिनियम के तहत एक आरोपपत्र दायर किया था।
न्यायमूर्ति नीला गोखले ने जमानत देते हुए कड़ी शर्तें लगाईं, जिसमें आरोपी की यात्रा पर प्रतिबंध और मुंबई पुलिस को नियमित रूप से रिपोर्ट करना शामिल है।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपी को सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जमानत की शर्तों का कोई भी उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है, जिस पर सक्षम अदालत को तुरंत विचार करना होगा।
अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले आरोपी सिंह को नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उसने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई द्वारा कथित तौर पर रची गई एक बड़ी साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसका मकसद दबदबा कायम करना और डर पैदा करने के लिए सिद्दीकी की हत्या करना था।
आरोपी की पिछली जमानत याचिका जुलाई 2025 में सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था।
