
इटारसी। इटारसी से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध तिलक सिंदूर मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 14 फरवरी से 16 फरवरी तक भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन व अभिषेक के लिए पहुंचने की संभावना है। यह स्थल अपनी विशेष परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहां भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर केवल सिंदूर चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है।
प्रशासन और तिलक सिंदूर मेला समिति संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। नगर पालिका इटारसी द्वारा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।
मेले की नीलामी 6 फरवरी को की गई थी, लेकिन निर्धारित राशि अधिक होने के कारण कोई भी बोलीदाता सामने नहीं आया। अब आगामी नीलामी 10 फरवरी को दोपहर 12 बजे तहसील कार्यालय इटारसी में आयोजित की जाएगी।
मेले को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। जनपद पंचायत केसला से पानी के टैंकरों के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके और सभी टैंकरों में नल की सुविधा सुनिश्चित हो। वहीं वन विभाग से स्टॉप डैम के गेट बंद करने का अनुरोध किया गया है, जिससे जलस्तर बना रहे और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। दर्शन के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए खट्मा से अमाड़ा तक कच्चे मार्ग के सुधार, ट्रैक्टर तथा दोपहिया-चारपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग उठी है।
तिलक सिंदूर मेला समिति ने व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमों का गठन करने का निर्णय लिया है। बैठक में समिति अध्यक्ष नारायण बावरिया, जनपद सदस्य सुनील नगले, सरपंच डोरीलाल चीचाम, संतोष राजपूत, मीडिया प्रभारी विनोद बड़ीबा, मोहन सिंह राजपूत, सुनील चीचम, हरिओम बावरिया, संजू तुमराम, अभिषेक तुमराम, करताल काजले, अशोक धुर्वे, लाल बाबा मेघ बरकड़े, आकाश कावरे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
