
नयी दिल्ली, 07 फरवरी (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शनिवार को कहा कि इसमें देश के किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो जायेगा और कई वस्तुओं पर शून्य शुल्क लगेगा। इससे 30 अरब डॉलर का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेगा। खास बात यह है कि इसमें किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि “कुछ किसान विरोधी लोग” यह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा, “हमने इस समझौते में कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसमें देश के किसानों, हस्तशिल्प और हथकरघा को कोई नुकसान पहुंचे।” श्री गोयल ने साफ किया कि किसी भी जीएम (जेनेटिकली मोडिफाइड) उत्पाद पर शुल्क कम नहीं किया गया है। मांस, पॉल्ट्री उत्पाद, डेयरी, चावल, गेहूं, चीनी, रागी, ज्वार और बाजरा के आयात पर कोई रियायत नहीं दी गयी है। केला, चेरी, स्ट्रॉबेरी, ग्रीन-टी, काबूली चना, शहद, तंबाकू और इथेनॉल के आयात पर भी कोई छूट नहीं दी गयी है। उन्होंने बताया कि दूसरी तरफ अमेरिका में जवाबी आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत होने से खिलौनों, खेल से संबंधित वस्तुओं और कपड़ों के निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। अमेरिका में 18 प्रतिशत आयात शुल्क भारत के सभी पड़ोसी देशों और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है। मंत्री ने बताया कि हीरों, जवाहरातों, दवाओं और स्मार्टफोन पर अमेरिका में शून्य आयात शुल्क लगेगा। चाय, कॉफी, कपड़ा, कई फलों और सब्जियों जैसे अमरूद, केला, पपीता और मशरूम पर भी अमेरिका आयात शुल्क घटाकर शून्य करेगा।
