बेंगलुरु, 07 फरवरी (वार्ता) कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संसद में एपस्टीन फाइलों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने से “डरने” का आरोप लगाया।
श्री खरगे ने इस संदर्भ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया, ” लोकसभा अध्यक्ष के पास ऐसी कौन सी जानकारी है जो देश के गृह मंत्री के पास नहीं है? दुनिया भर की संसदों में एपस्टीन फाइलों पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी संसद में एपस्टीन फाइलों पर चर्चा करने से इतने डरे हुए क्यों हैं? भारत और चीन के बीच क्या हुआ, इस पर चर्चा करने से वे इतने डरे हुए क्यों हैं?”
उन्होंने महिला सांसदों के बारे में श्री बिरला की टिप्पणियों की भी आलोचना करते हुए कहा, “आप महिलाओं का अपमान क्यों कर रहे हैं? मुझे संसद के इतिहास में एक भी ऐसा उदाहरण दिखाएं जहां भारतीय महिला सांसदों ने किसी भी तरह का अत्याचार किया हो, किसी भी तरह की हिंसा या अनुचित व्यवहार में शामिल हुई हों।”
मंत्री की यह टिप्पणी श्री बिरला के गुरुवार को दिये गये बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पास “ठोस जानकारी” है कि विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास “कोई अप्रिय घटना” कर सकते थे। श्री बिरला ने कहा था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के बीच संसदीय मर्यादा और सुरक्षा का हवाला देते हुए श्री मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब देने के लिए उपस्थित न होने की सलाह दी थी।
इस बयान से राजनीतिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रिया हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित नेताओं ने बिरला के दावों को “झूठा और “राजनीति से प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया। श्रीमती वाड्रा ने आरोप लगाया कि मोदी में संसद में आने की हिम्मत नहीं है और वह “अध्यक्ष के पीछे” छिप रहे हैं।
