
पांढुरना। राजस्व न्यायालयों में भारी अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन कर राजस्व न्यायालयों की घोर लापरवाही,बाबूओं के राज पर नाराजगी व्यक्त कर अधिवक्ता संघ द्वारा जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांग पत्र का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा ।
नगर के राजस्व तहसील न्यायालयों में अधिवक्ता द्वारा प्रकरण करने पर उसे तत्काल पंजीबद्ध नहीं कर प्रकरणों में पूर्ण कार्यवाही होने के पश्चात अंतिम प्रक्रम पर प्रकरण पंजीकृत कर निराकृत कर दिया जाता है,किन्तु प्रकरण के विचारण के दौरान कई बार प्रकरण लिपिक द्वारा न्यायालय के पटल पर नहीं रखे जाते है एवं प्रकरण दिखाई नहीं दे रहे है यह कहकर तारीखे बढा दी जाती है।
अधिवक्ताओं द्वारा तहसील न्यायालय में प्रकरण पंजीबद्ध नहीं होने तथा कई अधिवक्ताओं के प्रकरण कई वर्षों से मिसिंग होने पर भी अधिवक्ताओं ने जमकर नाराजगी व्यक्त की है,बार बार इन अधिवक्ताओं द्वारा पीठासीन अधिकारी से निवेदन करने के बाद भी लिपिक द्वारा प्रकरण पटल पर नहीं रखे जाने से न्याय प्राप्ती के लिए इन राजस्व न्यायालय में आने वाले व्यक्तिओं के समक्ष राजस्व न्यायालयों के साथ ही अधिवक्ताओं की छबी भी धूमिल हो रहीं है ।
इन सभी बातों को लेकर पूर्व में कई बार अधिवक्ताओं द्वारा पीठासीन अधिकारियों को अवगत कराया गया,लेकिन इस और कोई भी पहल नहीं होती देख आज अधिवक्ताओं में भारी रोष दिखाई दिया इसी बात को लेकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय केवटे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं द्वारा सिविल न्यायालय से लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल ही विरोध जुलूस निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर नीरज वशिष्ठ को एक पांच सूत्रीय मांग पत्र का हस्ताक्षयुक्त ज्ञापन सौपा ।
जिसमें राजस्व तसहील न्यायलय के प्रकरणों को प्रस्तुत करने पर ग्राह्य होने पर अविलंब पंजीबध्द करें,तहसील न्यायालय की काँज लिस्ट न्यायालय के बाहर चस्पा की जाए,राजस्व,तहसील,अनुविभागीय न्यायालय में समय निर्धारित किया जाए,पीठासीन अधिकारी प्रकरण ना लेंने की दशा में अधिवक्ताओं को पेशी तत्काल दी जाए एवं तहसील न्यायालय में लिपीक के अतिरीक्त अन्य कोटवार ईत्यादी प्रकरणों की सुनवाई में अधिवक्ताओं को होने वाली कठीनाईयों को दूर करने की मांग की है।
