हरारे, 06 फरवरी (वार्ता) वैभव सूर्यवंशी (175) के विस्फोटक शतक और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शुक्रवार को फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड पर 100 रनों से बड़ी जीत दर्ज करते हुए अंडर-19 विश्वकप का अपना छठा खिताब जीता।
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने पांचवें ही ओवर में जोसेफ मूर्स (17) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये बेन मेयस ने बीजे डॉवकिंस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। 13वें ओवर में खिलन पटेल ने बीजे डॉवकिंस को आउट कर इंग्लैंड को दूसरा झटका दिया। बीजे डॉवकिंस ने 28 गेंदों में सात चौके और दो छक्के लगाते हुए 45 रन बनाये। कप्तान थॉमस रियू (31) को कनिष्क चौहान ने आउट किया। इसके बाद 21वें ओवर में भारत ने इंग्लैंड के तीन विकेट झटककर अपनी जीत पक्की कर ली। रलफी एलबर्ट (शून्य) रनआउट, फरहान अहमद (एक) और सेबेस्तियन मॉर्गन (शून्य) को दीपेश देवेंद्रन ने आउट किया। कैलेब फाल्कनर (115 ), जेम्स मिंटो (28 ) रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में 311 रन ही बना सकी और 100 रनों से मुकाबला हार गई।
भारत के लिए दीपेश देवेंद्रन ने दो विकेट लिये। अम्ब्रिश को दो विकेट मिले,कनिष्क चौहान ने दो विकेट लिए,खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
इससे पहले आज यहां वैभव सूर्यवंशी (175) के विस्फोटक शतक, कप्तान मयंक अग्रवाल (53) और अभिज्ञान कुंडु (40 ) की पारियों की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ नौ विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों पर 175 रन में 15 चौके और 15 छक्के लगाये। उनके क्रीज पर रहते भारत 500 रन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन इंग्लैंड ने अंतिम 10 ओवरों में अच्छी वापसी की।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने चौथे ही ओवर में एरन जॉर्ज (नौ) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये कप्तान आयुष म्हात्रे ने वैभव के साथ पारी को संभाला और दोनों बल्लेबाजों ने तेजी के साथ रन बटोरे। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 142 रनों की साझेदारी हुई। 19वें ओवर में एलेक्स ग्रीन ने आयुष म्हात्रे को आउटकर इस साझेदारी को तोड़ा, लेकिन उससे एक गेंद पहले छक्का लगाकर वह अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे। आयुष म्हात्र ने 51 गेंदों का सामना किया और सात चौके और दो छक्के लगाये।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आये वेदांत त्रिवेदी एक छोर थामे खड़े रहे। वहीं दूसरे छोर से वैभव सूर्यवंशी छक्के और चौकों की बरसात करते हुए तेजी के साथ अपना और टीम का स्कोर बढ़ाते रहे। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 20वें ओवर की अखिरी गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक बनाया।
26वें ओवर में वैभव सूर्यवंशी तीसरे विकेट के रूप में आउट हुये। उन्हें मैनी लुम्सडेन की गेंद पर विकेट के पीछे थॉमस रियू ने कैच आउट किया। वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्के लगाते हुए 175 रनों की विस्फोटक शतकीय पारी खेली। इस दौरान वह अंडर-19 की एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गये। इसके अलावा उन्होंने यूथ वनडे में सर्वाधिक 1412 रन बनाने का भी रिकार्ड बनाया। उन्होंने विजय जोल 1404 रन के रिकार्ड को तोड़ा। वैभव के आउट होने के बाद भारत के रनों की रफ्तार थम गई और विकटों का पतन शुरु हो गया। विहान मल्होत्रा (36), अम्ब्रिश (18) और खिलन पटेल (तीन) रन बनाकर आउट हुये। अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में छह चौके और एक छक्का उड़ाते हुए 40 रनों की पारी खेली। 49वें ओवर में खिलन पटेल (पांच) रनआउट हुये। कनिष्क चौहान ने पारी के आखिरी ओवर में 18 रन ठोक कर भारत के स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया। कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में तीन चौके और एक छक्का लगाते हुए नाबाद 37 रनों की पारी खेली।
इंग्लैंड के लिए जेम्स मिंटो ने तीन विकेट लिये। सेबेस्तियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को दो-दो विकेट मिले। मैनी लुम्सडेन ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
