भारत-आस्ट्रेलिया व्यापार समझौते के कुछ व्यावसायिक परिणामों पर जारी की गयी एक अध्ययन रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 06 फरवरी (वार्ता) भारत-आस्ट्रेलिया व्यापार भागीदार के कुछ अलग-अलग अच्छे परिणामों पर एक अध्ययन रिपोर्ट यहां भारतीय विदेश व्यापार संस्थान में जारी की गयी ।यह भारत और आस्ट्रेलियों में काम कर रही कंपिनियों की प्रगति यात्रा की वास्तविक कहानियों का संग्रह है।

‘ पिच परफेक्ट ऑस्ट्रेलिया-इंडिया: परफेक्ट कंडीशंस फार 100 बिलियन डॉलर पार्टनरशिप’ शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट को जारी किये जाने के अवसर पर दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के अगले चरण पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें कई नीति निर्माताओं, राजनयिकों, उद्योगपतियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। इस रिपोर्ट को भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) और न्यूलैंड ग्लोबल ग्रुप के सहयोग से तैयार किया है। इसमें उन 30 संगठनों की बाजार प्रवेश की कहानियां, विकास रणनीतियां और सीखी गई अहम बातों को शामिल किया गया है, जिन्होंने दोनों बाजारों में अवसरों का सफलतापूर्वक लाभ उठाया है।

केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह अध्ययन दर्शाता है कि व्यापार समझौतों ने कैसे नए अवसरों का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) के फायदों को सुदृढ़ करने और उन्हें आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम ने द्विपक्षीय व्यापार पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देने में आईआईएफटी की भूमिका की सराहना की।

वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव पेटल ढिल्लों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों में हो रही प्रगति पर प्रकाश डाला। आईआईएफटी के कुलपति प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने वास्तविक व्यावसायिक अनुभवों का दस्तावेजीकरण करने और उन्हें उद्योग और शिक्षा जगत के लिए शिक्षण संसाधनों के रूप में परिवर्तित करने के महत्व का उल्लेख किया।

ऑस्ट्रेलिया स्थित न्यूलैंड ग्लोबल ग्रुप के संस्थापक और सीईओ, दिपेन रुघानी ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में व्यावसायिक केस स्टडी की अहमियत पर जोर दिया। समूह की कार्यकारी निदेशक, नताशा झा भास्कर ने दोनों देशों के बाजारों में सक्रिय कंपनियों की सफलता की कहानियों और अनुभवों को साझा किया।

सेवानिवृत्त राजदूत अनिल वधवा ने केस संकलन की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

 

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