वॉशिंगटन, 06 फरवरी (वार्ता) अमेरिका ने ईरान में में रह रहे अपने नागरिकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर चेतावनी जारी की है और उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में वर्चुअल यूएस एम्बेसी की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिक “ईरान से प्रस्थान की ऐसी योजना बनाएं जो अमेरिकी सरकार की सहायता पर निर्भर न हो,” क्योंकि सुरक्षा जोखिम, अशांति और अचानक यात्रा बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। यह चेतावनी ओमान में शुक्रवार को अमेरिका-ईरान वार्ता से ठीक पहले जारी की गई है। दूतावास ने सड़क बंदी, सार्वजनिक परिवहन में व्यवधान, व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध और उड़ानों के रद्द होने जैसी संभावित सख्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का उल्लेख किया है।
हाल के सप्ताहों में तनाव और बढ़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों का बेड़ा तैनात करने की घोषणा की थी, जिसमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके एस्कॉर्ट जहाज शामिल हैं। ये पोत जनवरी के अंत से क्षेत्र में मौजूद हैं।
परामर्श में कहा गया है कि इंटरनेट व्यवधान जारी रह सकते हैं, इसलिए वैकल्पिक संचार व्यवस्था अपनायें। परिस्थितियाँ अनुकूल होने पर नागरिकों को आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते जमीनी मार्ग से निकलने पर विचार करने की सलाह दी गई है। “उड़ानें थोड़ी सूचना पर रद्द या बाधित हो सकती हैं,” इसलिए एयरलाइंस से सीधे पुष्टि करने को कहा गया है। जो लोग तुरंत नहीं निकल सकते, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने, भोजन-पानी-दवाइयों का पर्याप्त भंडार रखने, प्रदर्शनों से दूर रहने और लो-प्रोफाइल बने रहने की सलाह दी गई है। नागरिकों से स्थानीय मीडिया पर नजर रखने, फोन चार्ज रखने, परिजनों से नियमित संपर्क बनाए रखने और रीयल-टाइम सुरक्षा अपडेट के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) में पंजीकरण कराने को कहा गया है। जिनके पास वैध अमेरिकी पासपोर्ट नहीं है, उन्हें ईरान छोड़ने के बाद निकटतम अमेरिकी दूतावास/वाणिज्य दूतावास में आवेदन करने की सलाह दी गई है। वॉशिंगटन ने अमेरिकी-ईरानी दोहरी नागरिकता रखने वालों को ईरानी पासपोर्ट से ही प्रस्थान करने को कहा है, क्योंकि ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता। चेतावनी में कहा गया है कि “अमेरिकी नागरिकों को पूछताछ, गिरफ्तारी और हिरासत का गंभीर जोखिम है,” और अमेरिकी पासपोर्ट या अमेरिका से संबंध हिरासत का आधार बन सकता है। साथ ही, जमीनी सीमाओं से पार करते समय सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
परामर्श में निकास मार्गों का भी उल्लेख है। जिसमें आर्मेनिया और तुर्किये सीमा पार वीज़ा-मुक्त ठहराव के साथ खुले हैं, तुर्कमेनिस्तान पूर्व अनुमति के साथ खुला है और अज़रबैजान आपात स्थितियों को छोड़कर बंद है। इस बीच, परमाणु वार्ता मस्कट में स्थानीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे (06:00 जीएमटी) शुरू होने की घोषणा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने की है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम एशिया दूत स्टीव विटकॉफ और संभवतः पूर्व व्हाइट हाउस सलाहकार जैरेड कुश्नर शामिल हो सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि किसी भी समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध शामिल होना चाहिए, जबकि ईरान का रुख है कि वह केवल परमाणु मुद्दे पर बातचीत करेगा। हालिया तनावों-जिनमें जून 2025 में इज़राइल से जुड़े 12-दिवसीय संघर्ष और फोर्दो, इस्फहान जैसे परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी बमबारी शामिल है-के बीच दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बना हुआ है।
श्री ट्रंप ने कहा है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई संभव है। एनबीसी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि उन्हें (खामेनेई) बहुत चिंतित होना चाहिए।” ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वार्ता “अधिकारपूर्ण ढंग से” होगी और उद्देश्य परमाणु मुद्दे पर “न्यायसंगत, पारस्परिक रूप से संतोषजनक और सम्मानजनक समझ” हासिल करना है, हालांकि अमेरिका के साथ पूर्व अनुभव उसकी कूटनीतिक रणनीति को प्रभावित करते रहेंगे।

