
रीवा। कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति तथा जिला पोषण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांकों को बेहतर करने, कुपोषण पर नियंत्रण तथा महिलाओं एवं शिशुओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए समन्वित प्रयास करें. स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर तक समन्वय से प्रयास करें. कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं में तत्परता से कार्यवाही करें. गर्भवती हर महिला का समय पर पंजीयन कराकर नियमित जाँच कराएं. गंभीर एनिमिक महिला को समय पर आयरन सुक्रोज तथा आवश्यकता होने पर खून चढ़ाने की व्यवस्था करें. इनकी जाँच तथा उपचार से संबंधित डाटा पोर्टल पर सही तथ्यों के साथ फीड करें. पोर्टल में तथ्यहीन डाटा दर्ज करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करें. अगले महीने यदि डाटा फीडिंग में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित बीएमओ, मेडिकल आफीसर तथा सीएचओ पर भी कार्रवाई की जाएगी. बीएमओ पोर्टल पर दर्ज डाटा का सेक्टरवार विश्लेषण करें. डाटा फीडिंग में जो एएनएम और आशा कार्यकर्ता लापरवाही बरत रही है उस पर सीएमएचओ कड़ी कार्रवाई करें.
तीन एएनएम निलंबित
कलेक्टर ने कहा कि सिरमौर, जवा तथा त्योंथर में गर्भवती महिलाओं का पंजीयन एवं उपचार प्रबंधन दोनों की स्थिति ठीक नहीं है इसमें सुधार करें. बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि पोर्टल में डाटा एन्ट्री में लापरवाही बरतने वाली तीन एएनएम को निलंबित किया गया है तथा 5 के वेतन काटने की कार्यवाही की गई है. टीवी मुक्त भारत अभियान के तहत 4 लाख 69 हजार व्यक्तियों की जाँच की गई है. बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, सिविल सर्जन डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. केबी गौतम, डॉ. चौधरी, डॉ. नरेश बजाज तथा सभी बीएमओ एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे.
