इंदौर-इच्छापुर हाईवे: मोरटक्का के नए ब्रिज के लिए बढ़ा इंतजार

खंडवा। नर्मदा नदी पर बन रहे मोरटक्का के नए सिक्स-लेन ब्रिज पर सरपट दौडऩे का सपना देख रहे निमाड़ और इंदौर के राहगीरों को अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा। इंदौर-इच्छापुर हाईवे के इस सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के शुरू होने की तारीख एक बार फिर आगे बढ़ गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पहले इस ब्रिज को यातायात के लिए आंशिक रूप से 15 फरवरी तक खोलने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी कारणों और निर्माण कार्य में आई व्यावहारिक चुनौतियों के चलते यह डेडलाइन पूरी नहीं हो पाएगी। अब इस पुल से सुचारू आवागमन फरवरी अंत या मार्च के पहले सप्ताह तक ही संभव हो पाएगा।

जल्दबाजी नहीं, सुरक्षा पहली प्राथमिकता :ब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन फिनिशिंग और मजबूती से जुड़े कुछ अहम तकनीकी कार्य अभी शेष हैं। मौके पर चल रहे कार्यों की समीक्षा के बाद यह बात सामने आई है कि ब्रिज के ऊपरी हिस्से पर सीमेंटीकरण, डामरीकरण और जॉइनिंग का काम चल रहा है। कंक्रीट की सेटिंग और स्ट्रक्चर की मजबूती के लिए एक निश्चित समय देना तकनीकी रूप से अनिवार्य होता है। चूंकि यह पुल भारी यातायात और नर्मदा नदी के बहाव क्षेत्र में है, इसलिए निर्माण एजेंसी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि फरवरी मध्य में शुरू होने वाला ट्रैफिक अब करीब 15-20 दिन आगे खिसक गया है।

जिम्मेदार बोल

ब्रिज का काम पूरी गति से चल रहा है, लेकिन तकनीकी मापदंडों का पालन करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में ब्रिज पर सीमेंटीकरण और फिनिशिंग से जुड़े कुछ तकनीकी कार्य प्रक्रिया में हैं, जिन्हें सेट होने में थोड़ा समय लग रहा है। हम सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते। इस तकनीकी कार्य के पूरा होते ही ट्रैफिक शुरू किया जाएगा। पूरी संभावना है कि फरवरी अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह से ब्रिज पर प्रॉपर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। ‘

आशुतोष सोनी, निदेशक, NHAI

पुराने पुल पर बढ़ा दबाव

गौरतलब है कि अंग्रेजों के जमाने का पुराना मोरटक्का पुल जर्जर हो चुका है। भारी वाहनों के लिए यह पहले ही प्रतिबंधित है, और छोटे वाहनों का दबाव भी इस पर लगातार बना रहता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यहाँ अक्सर लंबा जाम लगता है। ऐसे में, नए सिक्स-लेन ब्रिज का मार्च में शुरू होना न केवल खंडवा और इंदौर के बीच की दूरी को समय के लिहाज से कम करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी को भी एक नई रफ़्तार देगा। फिलहाल, राहगीरों की नजरें अब मार्च के पहले सप्ताह पर टिकी हैं।

क्या कहा NHAI निदेशक ने?

ब्रिज के उद्घाटन में हो रही देरी और नई समय सीमा को लेकर NHAI के निदेशक आशुतोष सोनी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने पुष्टि की है कि पुल को पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से पास करने के बाद ही जनता को सौंपा जाएगा।

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