मुंबई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खंडाला घाट सेक्शन में एक गैस टैंकर पलटने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपिलीन गैस का रिसाव शुरू होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। करीब 20 किलोमीटर तक फैला जाम 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है, जिससे सैकड़ों यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, रास्ते में फंसे हुए हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बताया है कि सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और टैंकर को हटाने में अभी और समय लग सकता है। गैस के रिसाव के चलते किसी भी प्रकार की चिंगारी या दुर्घटना से बचने के लिए अत्यधिक सतर्कता बरती जा रही है, जिसके कारण राहत कार्य धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
लंबे समय से फंसे यात्रियों के सामने भोजन और पानी की कमी बड़ी समस्या बन गई है। कई लोग बिना पर्याप्त तैयारी के सफर पर निकले थे, जिससे अब उन्हें जरूरी सामान के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।
घाट क्षेत्र में वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम जाने से एंबुलेंस और आपात सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर तैनात हैं तथा ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
