जबलपुर: मनी लांड्रिंग में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठग ने वृद्धा से 59 लाख 65 हजार रूपए का साइबर फ्रॉड किया था। मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया, जिसे शहर लाने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक 22 जनवरी 25 को श्रीमति शशि शर्मा 61 वर्ष निवासी पटेल मोहल्ला यादव कालोनी ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसकी बेटी बैंगलोर मे रहकर आई टी मे जॉब करती है।
पति व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर से असिस्टेंड वक्र्स मैनेजर से नंवबर 2015 से सेवानिवृत्त हैं। हम दोनो का संयुक्त खाता एस बी आई कमला नेहरू नगर में है। 10 जनवरी 25 को सुबह 10/45 बजे एक मोबाईल नम्बर से फोन आया जिसने बताया कि आपका सिम 2 घंटे में बंद हो जायेगा, जिससे पूछा कि क्यों हो जायेगा तो बोला कि आपका सिम का दुरूपयोग मनी लांड्रिंग में किया जा रहा है, आपका आधारकार्ड का दुरूपयोग करके नरेश गोयल ने फैक ए टी एम बनाया है जिसमे से एक आपके नाम का ए टी एम भी है।
उससे उसके बैंक खाता के बारे में पूछ लिया, फिर बोला कि, कैनरा बैंक नासिक के खाते में 2.50 करोड रूपये हैं जो 10 प्रतिशत आपके खाते में ट्रांसफर कर देगा जिससे आप अरेस्ट हो जाओगे। डर दिखाकर रिटारमेंट में मिले पूरे पैसे, म्युचअल फंड आदि के मिले पैसे लगभग 59 लाख 65 हजार रूपये आर टी जी एस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिये हैं। क्राइम ब्रांच ने प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लिया। आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर अपराध आनंद कलादगी एवं उप पुलिस अधीक्षक अपराध उदयभान बागरी के मार्गनिर्देशन में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच एवं सायबर सेल की टीम लगायी गयी। जिसके बाद जयपुर राजस्थान में दबिश देते हुये आरोपी मुकेश चौधरी पिता हेमराज चौधरी 24 वर्ष निवासी देवरी कला थाना मरोठ जिला नागोर राजस्थान को गिरफ्तार कर दो मोबाइल, एक चैक बुक, बैंक एटीएम कार्ड जब्त किए गए। आरोपी को शहर लाने के बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
