छतरपुर। नगर में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के निर्माण और उनके क्रय-विक्रय का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:00 बजे कलेक्टर की जनसुनवाई में एक आवेदक ने आवेदन सौंपते हुए इस पूरे मामले की जांच और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ कॉलोनाइजर बिना वैध लाइसेंस के कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। न तो इन जमीनों का डायवर्सन कराया गया है और न ही रेरा पंजीयन किया गया है। इसके बावजूद आम लोगों को छोटे-छोटे प्लॉट बेचकर उनसे धोखाधड़ी की जा रही है। आवेदक का कहना है कि इन कॉलोनियों में न सड़क, न बिजली, न पानी और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी लोगों को भ्रमित कर जमीन बेची जा रही है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस अवैध प्लाटिंग के कारण शासन को भारी राजस्व की क्षति हो रही है। कई ग्रामों के खसरा नंबरों पर नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, जिनका नामांतरण भी कराया जा रहा है।
आवेदक ने मांग की है कि कृषि भूमि पर बनी अवैध कॉलोनियों के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई में प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
