शिलांग, 02 फरवरी (वार्ता) मेघालय सरकार निपाह वायरस (एनआईवी) से निपटने के लिए अलर्ट और तैयार है, हालांकि राज्य में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री वाइलाडमिकी शिला ने यह जानकारी दी।
श्री शिला ने पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अभी तक हमारे पास मेघालय में निपाह वायरस का कोई ठोस सबूत या रिपोर्ट नहीं है। मैं जनता के बीच घबराहट भी पैदा नहीं करना चाहता। लेकिन हम इससे निपटने के लिए पूरी तरह से जागरूक और तैयार हैं।”
उल्लेखनीय है कि एनआईवी संक्रमण एक जूनोटिक बीमारी है जो संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़) या संक्रमित जानवरों की लार, मूत्र और मल से दूषित भोजन के माध्यम से इंसानों में फैलती है। यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। फल खाने वाले चमगादड़ या उड़ने वाली लोमड़ी इस वायरस के प्राकृतिक स्रोत हैं। निपाह वायरस की पहचान सबसे पहले 1998 में मलेशिया में सुअर पालने वालों के बीच फैले एक प्रकोप के दौरान हुई थी। वर्ष 1999 में मलेशिया से बीमार सुअरों के आयात के बाद सिंगापुर में एक प्रकोप की सूचना मिली थी।
