नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 के बाद संसद में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को ‘विकास को गति देने वाला’ बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे पूरी तरह ‘जनहित से दूर’ और ‘निराशाजनक’ करार दिया है। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसद के दोनों सदनों में हंगामे के आसार हैं। विपक्ष ने बेरोजगारी, गिरते निवेश और विनिर्माण क्षेत्र की चुनौतियों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति तैयार की है।
आज का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम दोपहर 2 बजे लोकसभा में होने वाला है, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी का यह संबोधन इसलिए भी खास है क्योंकि बजट पर आधिकारिक बहस 9 फरवरी से शुरू होनी है, लेकिन वे आज ही विपक्ष के कड़े तेवरों का संकेत दे सकते हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पहले ही इस बजट को ‘वास्तविक संकटों से आंख मूंदने वाला’ बताया है। माना जा रहा है कि वे अपने भाषण के जरिए सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलेंगे और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
विपक्ष के हमलों के बीच सरकार भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज दोपहर 1:00 से 2:30 बजे के बीच नए संसद भवन के समन्वय-3 हॉल में मीडिया के साथ एक विशेष ‘पोस्ट-बजट इंटरैक्शन’ करेंगी। इसमें वे बजट के प्रावधानों को विस्तार से समझाएंगी और विपक्ष द्वारा लगाए गए ‘कमजोर आर्थिक बुनियाद’ के आरोपों का जवाब देंगी। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में आज संसद के भीतर और बाहर जुबानी जंग तेज होना तय है।

