पालघर | केंद्रीय बजट 2026 ने पालघर जिले की महिलाओं और बेटियों के लिए प्रगति के नए द्वार खोल दिए हैं। जिले में छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘गर्ल्स हॉस्टल’ के निर्माण की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को उच्च शिक्षा में सुगमता होगी। इसके साथ ही, महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-मार्ट’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
पालघर की कृषि और मत्स्य अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। जिले के मुख्य उत्पाद काजू और नारियल को अब ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों को निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, तटीय क्षेत्र के मछुआरों के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पकड़ी गई मछलियों पर लगने वाले सभी टैक्स और ड्यूटी को समाप्त कर दिया गया है। इस कदम से मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
जिले के युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का एक विशेष रोजगार फंड आवंटित किया है। इस विशाल राशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, नई इंडस्ट्री लगाने और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से पालघर एक औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट पालघर की ग्रामीण और शहरी जीवनशैली के बीच के अंतर को कम करने वाला साबित होगा।

