इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दिव्य संतानें समाज की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनशीलता और संस्कारों की पहचान हैं. उनका समुचित संरक्षण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सरकार की प्राथमिकता है. वे दिव्य संतान प्रकल्प द्वारा डेली कॉलेज, इंदौर में आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है.
ऐसे प्रयासों से न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उनके अभिभावकों को भी संबल मिलता है. उन्होंने दिव्य संतान प्रकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है. कार्यक्रम में दिव्य बच्चों की प्रतिभा, उनकी क्षमताओं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी मंच से रेखांकित किया. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी शासन स्तर पर ऐसे प्रयासों को पूरा सहयोग दिया जाएगा.
