
इंदौर। आसपास रिहाइशी इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार बढ़ती जा रही है. महू से लेकर देवगुराड़िया तक तेंदुओं की गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. देवगुराड़िया क्षेत्र के सनावदिया गांव के पास वन विभाग ने एक तेंदुए को पिंजरे मं फंसाकर रेस्क्यू किया है, जिसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिड़ियाघर भेज दिया गया.
इंदौर फॉरेस्ट रेंजर संगीता ठाकुर ने बताया कि वन विभाग को देवगुराड़िया और सनावदिया के आसपास तेंदुए की मूवमेंट और शिकार के लगातार संकेत मिल रहे थे. इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले इलाके में पिंजरा लगाया. शनिवार सुबह पिंजरे में तेंदुआ फंसा मिला. आशंका है कि वह देर रात ही पिंजरे में चला गया था.
सुबह 7 बजे पूरा हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू टीम के प्रभारी और रालामंडल रेंजर योगेश यादव ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया. तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पिंजरे से निकालकर कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय भेज दिया है, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है.
25 हजार की आबादी वाले इलाके में था खतरा
जिस क्षेत्र से तेंदुए को पकड़ा, वहां सनावदिया सहित आसपास के गांव आते हैं, जिनकी संयुक्त आबादी करीब 25 हजार से अधिक है. वन विभाग की 8 से 9 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम पिछले 6–7 दिनों से इलाके में लगातार निगरानी कर रही थी.
महू आर्मी वॉर कॉलेज परिसर में अब भी हलचल
इधर महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज परिसर में तेंदुए की गतिविधियां अब भी जारी हैं. बीते एक हफ्ते में तेंदुओं ने कई बकरे और बकरियों को अपना शिकार बनाया है. इससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
रात में निकलना मुश्किल, लोग सतर्क
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से रात के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. तेंदुए के पकड़े जाने से राहत जरूर मिली है, लेकिन लोग अब भी पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं.
पहाड़ियों से सटा इलाका, मूवमेंट बना रहता है
रालामंडल रेंजर योगेश यादव ने बताया कि यह इलाका देवगुराड़िया और रालामंडल की पहाड़ियों से सटा हुआ है. ऐसे में जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है. वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
