
पौधों के लिए बेहतरीन घरेलू खाद
हर पौधे को अच्छी बढ़त और स्वस्थ जीवन के लिए पोषण की आवश्यकता होती है। चाहे बात फूलों की हो, सब्जियों की, फलदार पौधों की या सजावटी इनडोर प्लांट्स की हर पौधे की जरूरत अलग होती है, लेकिन रसायनिक खादों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता घटती है और पौधे कमजोर होने लगते हैं। हमारे घर में रोज़ निकलने वाले किचन वेस्ट से ही कई ऐसे घरेलू जैविक खाद बनाए जा सकते हैं जो न केवल सस्ते या मुफ्त हैं, बल्कि पौधों के लिए सुरक्षित, प्राकृतिक और अत्यंत प्रभावी भी हैं।जिन्हें आप अलग-अलग पौधों में उनके प्रकार और आवश्यकता के अनुसार उपयोग कर सकते हैं।
1) केले के छिलके की खाद
भरपूर पोटैशियम और फॉस्फोरस के कारण फूल-फल बढ़ाने में कारगर।
सूखा कर पीस लें या रातभर पानी में भिगोकर अर्क बना लें।
उपयोग: फूलदार, फलदार, सब्जी व सजावटी पौधों में।
2) चायपत्ती की खाद
इसमें नाइट्रोजन होता है, जो पत्तियों और फूलों की चमक बढ़ाता है।
हर 7 दिन में एक चम्मच मिट्टी में डालें।
ध्यान: इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को धोकर ही प्रयोग करें।
3) प्याज के छिलके का अर्क
पौधों में नमी बनाए रखता है, सूखने से रोकता है।
पानी में रातभर भिगोकर उसका अर्क पौधों में डालें।
उपयोग: फूलों और सब्जियों के पौधों में।
4) नीम की खली
मिट्टी को कीट-मुक्त बनाती है, साथ ही उर्वरता बढ़ाती है।
सप्ताह में 1 बार 1 चम्मच मिलाएँ।
उपयोग: फल, फूल, सब्जी, और इनडोर पौधों में।
5) लकड़ी की राख
कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम का प्राकृतिक स्रोत।
हर 15 दिन में 1 मुठ्ठी डालें, अधिक मात्रा से बचें।
उपयोग: फूल-फल देने वाले पौधों में विशेष उपयोगी।
6) छाछ / म_ा
मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करता है।
1 लीटर पानी में 1 चम्मच छाछ मिलाकर 10-15 दिन में एक बार डालें।
उपयोग: सभी पौधों में, विशेषकर गमलों में
7) फिटकरी का पानी
इसमें एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं।
5 ग्राम फिटकरी 1 लीटर पानी में रातभर भिगोएं और सुबह उपयोग करें।
उपयोग: फफूंदी या कीट से प्रभावित पौधों के लिए आदर्श।
8) गोबर की खाद
एक सर्वोत्तम संतुलित जैविक खाद – नाइट्रोजन और फॉस्फोरस से भरपूर ।
मिट्टी की संरचना सुधारती है, जड़ों को ताकत देती है।
उपयोग: सभी बड़े पौधे, सब्जी, फूल, और पेड़-पौधों में।
9) किचन वेस्ट कम्पोस्ट
सब्जियों-फलों के छिलके और कचरे से बनी पूर्ण पोषणयुक्त खाद।
किचन वेस्ट को सड़ा कर या पानी में भिगोकर उसका अर्क उपयोग करें।
उपयोग: सभी प्रकार के पौधों में लाभदायक।
