मुंबई, 17 मार्च (वार्ता) अभिनेता ताहा शाह बदुशा ने ऑस्कर वीक के दौरान सिनेमा की इसी बढ़ती पहचान पर अपने विचार साझा किए और बताया कि इस क्षेत्र की दमदार कहानियाँ अब दुनिया भर के दर्शकों से गहराई से जुड़ रही हैं। वैश्विक मनोरंजन जगत में हो रहे बदलावों पर बात करते हुए ताहा शाह बदुशा ने साउथ एशियाई प्रतिभाओं की बढ़ती दृश्यता को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऑस्कर वीक के दौरान साउथ एशियाई कहानीकारों और क्रिएटिव लोगों की बढ़ती मौजूदगी देखना बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार, ऐसे पल यह दिखाते हैं कि इस क्षेत्र की कहानियाँ सीमाओं से परे जाकर दुनिया भर के विविध दर्शकों तक पहुँच रही हैं और उनसे जुड़ भी रही हैं।
ताहा का मानना है कि यह पहचान साउथ एशियाई कहानियों की ताकत, उनकी प्रामाणिकता और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है, जो अब वैश्विक मंचों पर अपनी जगह बना रही हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद को उस पीढ़ी का हिस्सा मानकर आभारी महसूस करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साउथ एशियाई आवाज़ों को और मजबूत बनाने में योगदान दे रही है।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह बदलाव सिर्फ प्रतिनिधित्व का मामला नहीं है, बल्कि उन अनोखे दृष्टिकोणों और अनुभवों का उत्सव है, जिन्हें दुनिया भर में देखा और सुना जाना चाहिए। जैसे-जैसे साउथ एशियाई सिनेमा और प्रतिभाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान हासिल कर रही हैं, वैसे-वैसे ताहा शाह बदुशा जैसे कलाकारों की आवाज़ें एक बड़े आंदोलन की ओर इशारा कर रही हैं। यह एक ऐसा आंदोलन है, जो बिना सीमाओं के कहानी कहने की परंपरा का जश्न मनाता है और वैश्विक मनोरंजन के भविष्य को आकार देने में साउथ एशियाई क्रिएटिव्स के बढ़ते प्रभाव को उजागर करता है।

