
उज्जैन। 10 दिन पहले मंदिर में रचाई गई शादी के बाद रात में दूल्हे को चकमा देकर लुटेरी दुल्हन भाग रही थी। जिसे पकड़ा गया तो दो दलाल भी पुलिस की हिरासत में आ गए। लुटेरी दुल्हन का एक साथी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
भाटपचलाना थाना पुलिस ने बताया कि ग्राम मसवडिय़ा में रहने वाले दिलीप पिता रणछोड़ 30 वर्ष का विवाह नहीं हो पा रहा था। जिसके चलते उसने रिश्तेदारों से लडक़ी दिखाने की चर्चा की थी। इस दौरान ग्राम सरवाना खाचरोद में रहने वाले मुकेश जो दिलीप का जीजा लगता है उसने पायल नाम की युवती से रिश्ता करने की बात कही जो वर्तमान में भोपाल की निवासी होकर जबलपुर की रहने वाली है। दिलीप और उसके परिवार ने लडक़ी देखी। लेकिन गरीब परिवार की बताकर 1.40 लाख रुपए देने के लिए कहा गया। दिलीप का परिवार ने 90 हजार रुपए देकर शादी करने की तैयारी शुरू कर दी और शेष राशि बाद में देने को कहा। 19 जनवरी को ग्राम गजनी खेड़ा चामुंडा माता मंदिर में दिलीप और पायल की शादी कराई गई। 10 दिन तक दुल्हन दिलीप के साथ रही। लेकिन रात में चकमा देकर भाग निकली। दुल्हन के भागने की शिकायत पुलिस से की गई। मामला लुटेरी दुल्हन का होने पर पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की और पायल को खोज निकाला। जिसे हिरासत में लेकर उसके गिरोह में शामिल मुकेश को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य साथी जुनैद उर्फ अमन निवासी राजस्थान को भोपाल से गिरफ्तार कर लाया गया। थाना प्रभारी सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि लुटेरी दुल्हन गिरोह का एक सदस्य लाखन फरार है। जिसकी तलाश जारी है। हिरासत में आई लुटेरी दुल्हन और उसके दो दलालों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।
