नयी दिल्ली, 30 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने पिछले चार साल में आठ मुक्त व्यापार संधियों (एफटीए) पर हस्ताक्षर किये हैं और चिली के साथ भी जल्द ही एफटीए को अंतिम रूप दिया जायेगा।
श्री गोयल ने ग्रेटर नोएडा में वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि चिली के साथ मुक्त व्यापार संधि से महत्वपूर्ण खनिजों तक भारत को पहुंच मिलेगी।
हाल ही में घोषित भारत–यूरोपीय संघ एफटीए का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समझौता मानवता के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 25 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि अकेले यूरोपीय संघ लगभग सात लाख करोड़ डॉलर की वस्तुओं और तीन लाख करोड़ डॉलर की सेवाओं का आयात करता है। भारत के सामने मौजूद अवसर अभूतपूर्व हैं और इन्हें अवश्य भुनाया जाना चाहिये।
मंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले चार वर्षों में आठ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत की भागीदारी में एक मौलिक बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ये समझौते यूरोप और अन्य क्षेत्रों की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं, जिनमें 27 देशों वाला यूरोपीय संघ और स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे तथा आइसलैंड का चार देशों का ईएफटीए समूह भी शामिल है। इनके अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के साथ भी भारत ने एफटीए किये हैं।
मंत्री ने कहा कि ये समझौते भारतीय प्रतिभा, कौशल और युवा पेशेवरों के लिए नए और महत्वपूर्ण अवसर खोल रहे हैं तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ भारत के एकीकरण को मजबूत कर रहे हैं।
ईएफटीए देशों के साथ हुए समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें भारत में 100 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की प्रतिबद्धता शामिल है, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे के विकास, नवाचार और सटीक विनिर्माण को समर्थन देना है। इस निवेश से लगभग 50 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जबकि पिछले 25 वर्षों में उसका कुल निवेश केवल सात करोड़ डॉलर रहा है।
साल 2047 तक देश को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने की यात्रा में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका महत्वपूर्ण बताते हुए श्री गोयल ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स न केवल देश के भीतर बल्कि भारत और शेष विश्व के बीच एक सेतु के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट दौर से गुजर रही है। वर्तमान स्थिति को अशांत और अप्रत्याशित बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन बहुत तेजी से हो रहे हैं और केवल वही लोग सफल होंगे जिनमें आत्मविश्वास, प्रतिभा, कौशल, बड़ा सोचने की क्षमता और भविष्य की योजना बनाने का साहस होगा।
उन्होंने कहा कि आज भारत के पास मजबूत व्यापक आर्थिक आधार है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है। उच्च विकास दर के साथ मुद्रास्फीति कम है। देश की बैंकिंग प्रणाली मजबूत है और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। वैश्विक व्यापार बाजारों में उथल-पुथल के बावजूद भारत के वस्तु और सेवा निर्यात में वृद्धि जारी है।
