नई दिल्ली/मुंबई | भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में आज चांदी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। गुरुवार को चांदी की कीमतों में करीब 4.34% का भारी उछाल देखा गया, जिससे इसकी कीमत पहली बार ₹4,02,099 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई। केवल इस साल की बात करें तो चांदी में 60% से अधिक की तेजी आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग में इजाफे और सोने के मुकाबले एक सस्ते सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभरने के कारण निवेशकों में चांदी को लेकर जबरदस्त होड़ मची है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी $120 प्रति औंस के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुँच गई है।
चांदी की राह पर चलते हुए सोने ने भी आज अपनी चमक से बाजार को चौंका दिया है। MCX पर सोने की कीमत करीब 7% की भारी बढ़त के साथ ₹1,77,420 प्रति 10 ग्राम के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गई। कुछ शहरों में खुदरा भाव ₹1.80 लाख के पार भी दर्ज किए गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $300 से अधिक की छलांग लगाकर $5,588 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। निवेशकों के बीच बढ़ती असुरक्षा और अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने सोने को ‘सेफ-हेवन’ एसेट के रूप में सबसे पसंदीदा बना दिया है, जिससे घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में सोने की कीमतें अनियंत्रित नजर आ रही हैं।
कीमती धातुओं में आई इस अकल्पनीय तेजी के पीछे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दी गई सैन्य कार्रवाई की धमकी ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने और महंगाई के 2% से ऊपर रहने के अनुमान ने भी आग में घी का काम किया है। भू-राजनीतिक अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती के बीच निवेशक अब शेयर बाजार के बजाय सुरक्षित माने जाने वाले सोने-चांदी में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे कीमतों के जल्द नीचे आने के आसार कम ही दिख रहे हैं।

