नई दिल्ली | बजट सत्र के दूसरे दिन आज गुरुवार को केंद्र सरकार ‘आर्थिक सर्वेक्षण 2026’ (Economic Survey) संसद पटल पर रखेगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंथा नागेश्वरन सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा में यह रिपोर्ट पेश करेंगे। यह दस्तावेज देश की आर्थिक स्थिति का सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट कार्ड होता है, जो पिछले एक साल के कामकाज का लेखा-जोखा देने के साथ-साथ आने वाले समय के लिए विकास दर (GDP) का अनुमान भी पेश करता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू हुए इस बजट सत्र में इस सर्वे के जरिए यह स्पष्ट हो जाएगा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत रही है।
इकोनॉमिक सर्वे के माध्यम से आम जनता और निवेशकों को महंगाई की स्थिति, रोजगार के आंकड़े, औद्योगिक उत्पादन और कृषि क्षेत्र की प्रगति की विस्तृत जानकारी मिलेगी। 1964 के बाद से बजट से ठीक पहले इसे अलग से पेश करने की परंपरा है, ताकि देश की वित्तीय सेहत का विश्लेषण पहले किया जा सके। इस बार के सर्वे में सरकार का फोकस राजकोषीय घाटे को कम करने और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को बढ़ावा देने पर रह सकता है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सर्वे 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी केंद्रीय बजट की दिशा और रूपरेखा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा।
संसद में सर्वे पेश होने के तुरंत बाद इसके लाइव अपडेट्स ‘संसद टीवी’ और दूरदर्शन पर देखे जा सकेंगे। तकनीकी रूप से जागरूक नागरिकों के लिए वित्त मंत्रालय और पीआईबी (PIB) के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी पल-पल की जानकारी उपलब्ध रहेगी। यदि आप इस विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन करना चाहते हैं, तो इसे भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट indiabudget.gov.in से पीडीएफ फॉर्मेट में मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। यह रिपोर्ट न केवल नीति निर्माताओं के लिए, बल्कि छात्रों, अर्थशास्त्रियों और शेयर बाजार के विशेषज्ञों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भविष्य की सरकारी योजनाओं के संकेत छिपे होते हैं।

