जबलपुर: एक तरफ जहां नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर डिवाइडरों की रंगाई-पुताई का काम शुरू कर दिया गया है तो वहीं दूसरी तरफ रांझी भगत सिंह वार्ड की ताजी तस्वीर स्वच्छता के तमाम दावों की पोल खोलती सोशल मीडिया में नजर आ रही है। वायरल तस्वीर में एक तरफ कचरे का बड़ा ढेर लगा हुआ है और आवारा जानवर उसमें मुंह मार रहे हैं।
जानकारी के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां नगर निगम द्वारा शुरू कर दीं गईं हैं जिसको लेकर शहर के डिवाइडरों की रंगाई पुताई का काम शुरू हो चुका है। ऐसे में रांझी भगत सिंह वार्ड सहित उन इलाकों के लोग निगम प्रशासन से ये कह रहे हैं कि आयुक्त महोदय हमारे इलाके में भी सफाई करवा दीजिए क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हम लोग भी कहीं न कहीं आपके काम आएंगेे।
विदित हो कि देश में स्वच्छता में 5वें स्थान पर आए नगर निगम जबलपुर को निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार और महापौर अब पहले नंबर पर ले जाने का सपना देख रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इन सपनों पर पानी फेरते हुए नजर आ रही है।
फटकार के बाद भी नहीं सुधर रहे जिम्मेदार
लिहाजा समीक्षा बैठकों में जरूर निगमायुक्त द्वारा लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाता रहा है बावजूद इसके जिम्मेदार सुधरने तैयार नहीं है। इसका उस वक्त पता चलता है जब वार्डों में महीनों से पड़े कचरे के ढेरों की समस्या सार्वजनिक होती है और विपक्ष इन मुद्दों को उठाकर निगम प्रशासन को कार्रवाई करने मांग करती है।
इनका कहना है-
शहर में नियमित साफ सफाई के लिए सफाई अमले को निर्देशित किया जाता है कि कहीं भी गंदगी न रहे हर जगह सफाई रहे। अगर इसके बाद भी कहीं कोई शिकायत आती है तो उस इलाके में सफाई अमले को भेजकर सफाई करा दी जाती है।
–अंकिता बर्मन, स्वच्छता अधिकारी, नगर निगम
