जबलपुर: शहर में कई जगहों पर कचरे के झुंड देखे जा रहे हैं। चारों तरफ दुर्गंध के साथ कचरा फैल रहा है लेकिन किसी भी जिम्मेदार को कोई फिक्र नहीं है। इस अव्यवस्था में वे नागरिक भी जिम्मेदार है जों कहीं भी कचरा फेंक रहे हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में शहर के करीब 970 कचरा घर बंद हो गए थे जिसके बाद 200 टिपर वाहनों के साथ डोर-टू-डोर कचरा व्यवस्था को शुरू किया गया था। इसमें करीब 1420 रुपए प्रतिटन के हिसाब से नगर निगम ठेका कंपनी को भुगतान करती है।
इन क्षेत्रों में है हालात खराब
जानकारी के अनुसार शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों में कई कचरा घर इन दिनों देखे जा सकते हैं। जिसमें श्रीनाथ की तलैया, चरहाई, मछरहाई, निवाड़गंज सब्जी मंडी सहित अन्य घने बाजारों वाले क्षेंत्रों में फुटकर व्यवसायी और दुकानदार दोनों ही अपनी-अपनी दुकान का कचरा जहां जगह मिले वहीं फेंक देते हैं। ऐसा करके कचरा घर का अपने आप निर्माण हो जाता है। ऊपर से मवेशी भी जब इच कचरे में मुंह मारते हैं तो कचरा चारों तरफ और फैल जाता है जो कि बदबू भी मारता है।
