
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में ग्यारह वर्षीय विलक्षण प्रतिभा वाले बालक को नौवीं कक्षा में प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सीबीएसई के चेयरमैन व सेंट कॉन्वेंट स्कूल रांझी के प्राचार्य को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता छात्र को प्रोविशनल प्रवेश दें। एकलपीठ ने कहा कि बालक के समग्र प्रदर्शन को देखते हुए सीबीएसई चेयरमैन कक्षा नौ में उसके प्रवेश के संबंध में अंतिम निर्णय लेंगे।
जबलपुर निवासी आरव सिंह पटेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व हितेंद्र गोल्हानी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि छात्र का जन्म 19 मार्च 2014 को हुआ था। कक्षा 1 से 8 वीं तक का मेरिटोरियस रिकॉर्ड रहा है। आरव की विलक्षण बुद्धि को देखते हुए उनके माता-पिता ने सीबीएसई द्वारा निर्धारित न्यूनतम आयुसीमा से कम की उम्र में ही सेंट कान्वेंट स्कूल रांझी में प्रवेश दिला दिया। कम उम्र होने के बावजूद आरव ने सभी कक्षाओं में सभी विषयों में ए श्रेणी में उत्तीर्ण की। कम आयु के चलते उसे नौवीं कक्षा में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। सीबीएसई के अधिकारियों से आवेदन देकर अनुमति मांगी गई। राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। स्कूल के प्राचार्य बालक की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि तीन विशेषज्ञों के मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें मनोचिकित्सक और एक परामर्शदाता शामिल रहे। बालक उक्त बोर्ड के समक्ष उपस्थित होगा, ताकि उसके आईक्यू स्तर का मूल्यांकन किया जा सके। इसकी रिपोर्ट सीबीएसई चेयरमैन को दी जाएगी।
