जबलपुर: टैगोर नगर कॉलोनी में निवासी सगे भाई से विश्वासघात करते हुए धोखेबाज भाई ने जाली नक्शा बना जो भूमि अस्तित्व मेंं नहीं है उसे बेच दी।पुलिस के मुताबिक भूपिंदर सिंह पिता हरभजन सिंह निवासी टैगोर नगर कॉलोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने एक भूमि सगे भाई बलविंदर सिंह पिता हरभजन सिंह निवासी गोरखपुर से रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिये खरीदी थी। उक्त भूमि को बलविंदर सिंह के द्वारा ग्वारीघाट के स्वीकृत अभिन्यास में दर्शित भूखंड क. 135 का रकवा 1200 वर्गफुट का खुला भूखंड साईड में स्थित है।
रजिस्ट्री के बाद से ही बलविंदर सिंह के द्वारा कभी भी विक्रय की गई भूमि को मौके पर जाकर नहीं बताया गया। नक्शा के अनुसार मौके पर पता किया तो प्लाट नं. 135 नाम का कोई भूखण्ड नहीं था। कई बार बलविंदर सिंह से उक्त जमीन की स्थिति स्पष्ट करने कहा परन्तु उसके द्वारा हमेशा बात को टालते रहा। जिसके चलते आज दिनांक तक उस भूमि को अपने नाम करवा पाया। धोखाधड़ी कर बलविंदर ने पैसे लेकर हड़प लिए। जांच में पाया गया कि भूखण्ड क्र. 135 जिसका रकबा 1200 वर्गफुट है भूखण्ड बादशाह हलवाई मंदिर के आगे ग्वारीघाट वार्ड स्थित है।
जिसे बलविंदर सिहं उर्फ राजू पिता स्व. हरभजन सिंह करीबन 51 वर्ष निवासी पंचशील नगर सी 88 ग्वारीघाट रोड द्वारा बेचा गया लेकिन कब्जा नहीं दिया। बेची गई भूमि भौतिक रूप में भी अस्तित्व में नहीं है। बलविंदर सिहं उर्फ राजू ने झूठ बोल कर प्लाट न. 135 बता कर बेचा गया है। विक्रय पत्र में कूटरचित नक्शा बनाया गया है, जिसमे प्लाट न. 135 दिखाई दे रहा है परंतु वास्तव में नहीं है।
