
खंडवा। मंगलवार रात्रि में खंडवा पुलिस ने शहर के रिहायशी इलाके में चल रही मौत की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए शहर को एक बड़े संभावित हादसे से बचा लिया है। सिहाड़ा रोड स्थित सम्यक गोल्ड कॉलोनी के एक सुनसान क्लब हाउस में चल रहे इस अवैध कारोबार पर कोतवाली पुलिस ने बीती रात दबिश देकर करीब 20 लाख रुपये कीमत का 2 टन अवैध विस्फोटक और सुतली बम जब्त किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर के सियासी गलियारों में हडक़ंप मच गया। इस काले कारोबार के तार कांग्रेस से जुड़े रसूखदारों से जुड़ते नजर आए। पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक जांच में कांग्रेस नेता यशवंत सिलावट और पूर्व कोचिंग संचालक से पटाखा कारोबारी बने इमरान परियानी का नाम सामने आ रहा है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य अपनी टीम के साथ रात्रि गश्त पर थे, तभी मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि पॉश कॉलोनी के क्लब हाउस में भारी मात्रा में विस्फोटक तैयार किया जा रहा है और उसे परिवहन करने की तैयारी है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की, लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से भाग निकले। जब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। कमरे में बारूद, गंधक, पोटाश और सुतली बमों का अंबार लगा था। मौके से पुलिस ने विस्फोटक से लदी एक बोलेरो पिकअप और एक स्कूटी जब्त की है। बताया जा रहा है कि इमरान पारियानी, जो पहले कोचिंग क्लास संचालित करते थे, अब इस अवैध धंधे के बड़े खिलाड़ी बन चुके हैं, वहीं कांग्रेस नेता यशवंत सिलावट का नाम इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने में सामने आ रहा है। पुलिस अब जब्त वाहनों के नंबरों और कॉल डिटेल्स के जरिए इन सफेदपोशों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने में टीआई प्रवीण आर्य, एसआई मनोज दवे सहित सउनि प्रकाश ठाकरे, वीरेंद्र सिंह बिसेन, महेंद्र यादव और आरक्षक टीम की सराहनीय भूमिका रही, जिन्हें पुलिस अधीक्षक ने नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
बारूद के ढेर पर बैठा है पूरा जिला रॉक ड्रिलिंग और डेटोनेटर का अवैध खेल, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल।
शहर में पकड़ी गई यह फैक्ट्री तो महज एक बानगी है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पूरा खंडवा जिला बारूद के ढेर पर बैठा है। जिले के ग्रामीण अंचलों में माइनिंग माफिया नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। देशगांव, सिंगोट, दुल्हार और पंधाना जैसे क्षेत्रों में रॉक ड्रिलिंग के नाम पर भारी मात्रा में जिलेटिन रॉड्स और डेटोनेटर का अवैध भंडारण बेखौफ जारी है। ये विस्फोटक सामग्री गांवों के बीचों-बीच गोदामों और टपरियों में बिना किसी सुरक्षा मानक के रखी जा रही है। यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में चल रहे अवैध संग्रहण पर शिकंजा नहीं कसा, तो हरदा जैसा कोई बड़ा हादसा खंडवा में भी दोहराया जा सकता है। जरूरत है कि शहर के साथ-साथ इन ग्रामीण ठिकानों पर भी पुलिस की दबिश पड़े और अवैध विस्फोटकों के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए।
