
रीवा। शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति विला कॉलोनी में शुक्रवार की रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर मारपीट करते साफ नजर आ रहे हैं. घायलों को उपचार के लिये संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पीडि़त पक्ष के अनुसार, विवाद की शुरुआत जमीन पर सिंचाई के पाइप टूटने को लेकर हुई थी. पीडि़त राघवेंद्र तिवारी और उपेन्द्र तिवारी की बायपास सडक़ के दोनों तरफ पुश्तैनी जमीन है. वहां सडक़ निर्माण कंपनी की मशीनें काम कर रही थीं, जिससे सिंचाई का पाइप टूट गया. जब भाइयों ने इसकी शिकायत की, तो निर्माण कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया. राघवेन्द्र और उपेन्द्र सम्भल पाते इसके पहले गाड़ी से उतरे कर्मचारियों ने ताबड़तोड़ मारपीट शुरू कर दी, जिससे दोनो भाईयों का सर फट गया और खून से लतपत होकर जमीन पर गिर पड़े. इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. पीडि़त के भाई रविन्द्र तिवारी का आरोप है कि चोरहटा पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है. उनका कहना है कि पुलिस प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं करने को कह रही है. मामले को रफा-दफा करने के लिए सामान्य धाराओं में केस दर्ज करने की बात कही जा रही है. परिजनों की मांग है कि हमला जानलेवा था, इसलिए हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज हो. पुलिस को घटना स्थल के पास का एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है. पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और दोषियों पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, अस्पताल में भर्ती एक भाई का इलाज चल रहा है एक भाई को डिस्चार्ज कर दिया गया है.
चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि पीडि़त के साथ उनके भाई रविन्द्र तिवारी थाने आए थे और एफआईआर दर्ज की जा रही थी. हालांकि, पीडि़त पक्ष धारा 307 लगाने की जिद पर अड़ा था. हमने उन्हें समझाया कि फिलहाल मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लेते हैं, जैसे ही एमएलसी रिपोर्ट आएगी, चोटों की गंभीरता के आधार पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी. लेकिन वे तैयार नहीं हुए और बिना एफआईआर कराए चले गए.
