इंदौर: किराए पर ली गई कारों को गिरवी और आगे किराए पर देकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन करोड़ से ज्यादा की 24 कारें जब्त की हैं. पुलिस को अभी 16 अन्य कारों की तलाश है, जिनकी बरामदगी अभी शेष है.थाना प्रभारी अजय नायर ने बताया कि मंगलवार को न्यू गोरी नगर में रहने वाले रोमेन्द्र सिंह भदौरिया ने अन्नपूर्णा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में खरीदी गई उनकी मारुति स्विफ्ट कार अगस्त 2025 में केशरबाग रोड स्थित कार वॉशिंग सेंटर संचालक संजय कालरा को 11 माह के अनुबंध पर 24 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दी थी. आरोपी ने केवल दो माह तक किराया दिया और बाद में भुगतान बंद कर दिया. जांच में सामने आया कि कार को किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रख दिया था. फरियादी की शिकायत पर अन्नपूर्णा थाने में मामला दर्ज कर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की थी.
इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त शिवेन्दु जोशी और थाना प्रभारी अन्नपूर्णा के नेतृत्व में आरोपी संजय कालरा निवासी सुदामा नगर को गिरफ्तार कर लिया. रोमेंद्र की रिपोर्ट पर मामला दर्ज होने के बाद करीब 40 अन्य कार मालिकों ने भी इसी तरह की धोखाधड़ी के आवेदन दिए हैं. पुलिस अब तक ऑडी, इनोवा क्रिस्टा, थार, स्कॉर्पियो-एन, फ्रोंक्स सहित 24 महंगी कारें जब्त कर चुकी है. आरोपी फिलहाल 29 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर है, जिससे शेष वाहनों की बरामदगी की जा रही है.
आरोपी संजय कालरा कार मालिकों को अधिक किराए का झांसा देकर 11 माह का एग्रीमेंट करता था. इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी या आगे किराए पर देकर मोटी रकम वसूलता था. शुरूआत में 2-3 माह तक वह नियमित किराया देता था, फिर भुगतान बंद कर देता था और वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम को भी निकाल देता था. किराया न मिलने पर जब कार मालिक आरोपी के चक्कर लगाते थे, तो वह 5-6 माह बाद 10 से 20 हजार रुपए देकर दोबारा भरोसे में ले लेता था. दबाव बढ़ने पर आरोपी कार को अवैध गतिविधियों में लगाने और कानूनी पचड़े में फंसाने की धमकी भी देता था. डर और मजबूरी में कई कार मालिक बिना पूरा किराया लिए समझौता कर वाहन वापस ले लेते थे, जबकि गिरवी या किराए से मिली रकम आरोपी हड़प लेता था
