
सतना: चित्रकूट जिले के बरगढ़ कस्बे में गुरुवार रात हुए जघन्य हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। कस्बे के कपड़ा व्यापारी अशोक कुमार केसरवानी के 13 वर्षीय पुत्र आयुष का अपहरण कर फिरौती न मिलने पर बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने किशोर के शव को शौचालय में पानी के लिए बने हौज में गड्ढा खोदकर दफना दिया। शव बरामद होने के बाद आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आयुष गुरुवार शाम करीब चार बजे कोचिंग पढ़ने गया था। शाम करीब पांच बजे वह घर लौटा, लेकिन घर के बाहर से शाम को वह लापता हो गया। इसी दौरान शाम 8:29 बजे अपहरणकर्ताओं ने फोन किया, लेकिन काल कट गई। इसके बाद 8:27 मिनट पर दोबारा काल आई, जिसमें 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई और रकम पहुंचाने के लिए एक घंटे का समय दिया गया। घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर तलाश की और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि प्रयागराज जनपद के थाना घूरपुर क्षेत्र के कटरा उभारा निवासी इरफान अंसारी के मिस्त्री कल्लू उर्फ साहबे इमान आयुष को बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद पुलिस ने रात में ही बरगढ़ कस्बे में स्थित इरफान व कल्लू के किराए के मकान पर छापा मारा, जहां उसका दुकान मालिक इरफान अंसारी मिला। उसकी निशानदेही पर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे शौचालय में बने पानी के हौज को खोदकर आयुष का शव बरामद किया गया। आयुष की गले में रस्सी बंधी थी, साफ था कि गला घोंटकर हत्या की गई थी। यह घटनाक्रम सामने आने से वर्ष 2019 में तेल व्यापारी ब्रजेश रावत के जुड़वा बेटे प्रियांश और श्रयांश का जानकीकुंड सदगुरु पब्लिक स्कूल बस से अपहरण कर निर्मम हत्या की घटना एक बार फिर ताजा हो गई। दोनों बच्चों की हत्या उनके ट्यूशन टीचर ने दोस्तों के साथ मिलकर फिरौती के लिए की थी।
मुठभेड़ में 1 आरोपी ढेर
इसके बाद पुलिस इरफान को साथ लेकर कल्लू की तलाश में परानू बाबा क्षेत्र पहुंची, जहां उसकी लोकेशन मिली थी। पुलिस जब मोबाइल फोन बरामद करने की कोशिश कर रही थी, तभी दोनों आरोपियों ने पुलिस का असलहा छीनकर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से कल्लू और इरफान घायल हो गए। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ लाया गया, जहां सीने और पेट में गोली लगने से कल्लू की मौत हो गई। इरफान की हालत गंभीर होने पर उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
आक्रोशित लोगों ने किया चक्काजाम
किशोर का शव मिलने की खबर से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने शव को रखकर झांसी-मीरजापुर हाईवे जाम कर दिया। डीआईजी बांदा राजेश एस, डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालात को संभालने के लिए बांदा, हमीरपुर और महोबा जनपदों से पीएसी भी बुलाई गई और पूरे कस्बे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
