राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार; इमरजेंसी में 19 माह जेल में रहे थे
सतना: शहर के सिंधी कैंप निवासी 84 वर्षीय मीसाबंदी सुंदरदास मीरवानी का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्हें नारायण तालाब स्थित मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।सुंदरदास मीरवानी उन 41 लोगों में शामिल थे जिन्हें आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान जून 1975 में 19 माह तक जेल में रहना पड़ा था। वे एक सेवानिवृत्त शिक्षक थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से उनका गहरा जुड़ाव था।
वे सिंधी कैंप में नियमित रूप से शाखा का संचालन करते थे। पिछले एक सप्ताह से बीमार थे वार्ड 19 निवासी सुंदरदास मीरवानी पिछले एक सप्ताह से बीमार थे। उन्हें बिड़ला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बावजूद उनकी हालत में सुधार की कोई गुंजाइश न होने पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। गुरुवार रात परिजन उन्हें घर ले आए, जहां उनका निधन हो गया।
ज्येष्ठ पुत्र ने दी मुखाग्नि
उनके निधन की खबर से सिंधी समाज सहित शहर के प्रबुद्धजनों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान महापौर योगेश ताम्रकार, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया और तहसीलदार सौरभ मिश्रा की उपस्थिति में सुंदरदास जी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनके बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी।
