सतना : चाहे सडक़ पर मौजूद गड्ढों पर दोष मढ़ा जाए अथवा तेज रफ्तार वाहन चलाने का साइड इफेक्ट, लेकिन इसकी कीमत एक युवक की मौत हो गई. इस मामले में निजी नर्सिंग होम और एंबुलेंस चालक की भूमिका भी खासी संवेदनहीन नजर आई. युवक की मौत के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है.प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के सिंधी कैंप क्षेत्र के निवासी शिवम कोरी अपने मित्र और पड़ोसी सुनील के साथ बाइक पर सवार होकर वापस घर की ओर लौट रहे थे.
बताया गया कि मंगलवार की रात लगभग 11 बजे बढ़ैया क्षेत्र में जैसे ही उनकी बाइक पहुंची वैसे ही सडक़ पर मौजूद गड्ढे की चपेट में आकर अनियंत्रित हो गई. देखते ही देखते बाइक डिवाइडर से जा टकराई. इस घटना की वजह से शिवम गंभीर तौर पर घायल हो गए. जबकि साथी सुनील को सामान्य चोटें आईं. घटना होती देख आस पास मौजूद लोगों ने फौरन ही मौके पर एंबुलेंस बुला ली. घायल सुनील ने बताया कि एंबुलेंस को जिला चिकित्सालय चलने के लिए कहा गया.
लेकिन उसका चालक उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में ले गया. जहां पर कुछ देर तक उ पचार के बाद शिवम की गंभीर हालत बताकर जबलपुर ले जाने की सलाह दे दी गई. लेकिन निजी नर्सिंग होम से लेकर परिजन जब जिला चिकित्सालय पहुंचे तो ड्यूटी डॉक्टर द्वारा जांच करते हुए शिवम को मृत घोषित कर दिया गया. यह जानकारी सामने आते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया. वहीं घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर मर्चुरी भेज दिया गया. बुधवार को पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
जमा करा लिए 5 हजार
घटना में घायल सुनील के अनुसार जब एंबुलेंस चालक उन्हें और शिवम को लेकर निजी नर्सिंग होम पहुंचा तो वहां पर कोई चिकित्सक न होने के बावजूद भी एक ओर जहां 5 हजार रु जमा करा लिए गए. वहीं दूसरी ओर ढाई हजार से अधिक की दवाएं मंगा ली गईं. वहीं कुछ देर बाद ही जबलपुर ले जाने की सलाह दे दी गई. घटना से आहत परिजनों द्वारा सडक़ की बदहाल स्थिति के साथ-साथ एंबुलेंस सेवा और निजी नर्सिंग होम के संवेदनहीन रवैऐ के मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
