नागपुर/दावोस | स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित ‘विश्व आर्थिक मंच’ (WEF) 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने निवेश के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने घोषणा की है कि राज्य ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुल 81 औद्योगिक समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के जरिए महाराष्ट्र में कुल 37.27 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आएगा। सरकार का दावा है कि इस ऐतिहासिक निवेश से राज्य के लगभग 43 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। विशेष बात यह है कि इस कुल राशि का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा ‘प्रत्यक्ष विदेशी निवेश’ (FDI) के रूप में प्राप्त हुआ है।
इस निवेश महाकुंभ का सबसे बड़ा लाभ विदर्भ की उपराजधानी नागपुर को मिला है। अकेले नागपुर क्षेत्र के लिए करीब 1 लाख 95 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है। यह निवेश नागपुर को एक प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उदय सामंत ने स्पष्ट किया कि निवेश केवल मुंबई और पुणे जैसे विकसित शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसका वितरण राज्य के सभी हिस्सों में समान रूप से किया गया है, ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर कर गडचिरोली और विदर्भ जैसे क्षेत्रों का भी समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
विभिन्न विभागों के माध्यम से किए गए इन समझौतों में से अकेले उद्योग मंत्रालय ने 51 करार पूरे किए हैं, जिनसे 16.69 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 19 लाख नौकरियां आने की उम्मीद है। वहीं, एमएमआरडीए और सिडको जैसे अन्य विभागों के माध्यम से 19.43 लाख करोड़ रुपये के समझौतों से 22 लाख रोजगार सृजित होंगे। उद्योग मंत्री ने संकल्प जताया है कि मुंबई पहुँचने के बाद इन सभी समझौतों के ठोस साक्ष्य और एफडीआई के विवरण जनता के सामने रखे जाएंगे। इस मेगा निवेश को ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

