उज्जैन:शहर में फ्रीगंज क्षेत्र में बन रहे नए ओवरब्रिज और रेलवे के निर्माण कार्य के चलते 5 जनवरी को फ्रीगंज ओवरब्रिज पर सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक आम जनता का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा.नवभारत से चर्चा में रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे विभाग द्वारा फुटओवर ब्रिज के गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना है, जिसके लिए भारी क्रेन का उपयोग होगा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो.
6 नंबर प्लेटफार्म पर होगा काम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान फ्रीगंज आरओबी और माधवनगर साइड सर्विस लेन पर ट्रैफिक पूरी तरह रोका जाएगा. प्लेटफार्म नंबर 6 से लेकर प्लेटफार्म नंबर 8 तक और फ्रीगंज मुख्य ब्रिज से पूरे परिसर में रेलवे का कार्य चलेगा.
संबंधित थानों को लिखा पत्र
इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस, माधवनगर थाना पुलिस,देवासगेट पुलिस को पत्र लिखकर आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है. साथ ही जीआरपी थाना उज्जैन, आरपीएफ उज्जैन और अन्य जरूरी विभागों सुरक्षा व्यवस्था व एहतियात के लिए सूचित किया गया है.
क्रेन से होगा काम, सतर्कता जरूरी
रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि क्रेन उठाने और उतारने के दौरान ट्रैफिक ब्लॉक रखना अनिवार्य रहेगा. जो ओवरब्रिज बनेगा उसमें रेलवे अपने हिस्से का काम कर रहा है, ब्रिज के आसपास सगन घनी बस्ती भी है जिसे भी हटाए जाने की तैयारी चल रही है, कुछ मकानों को पूर्व में हटाया गया है पास में पेट्रोल पंप भी है, मन्दिर भी है, बस स्टैंड भी है, ऐसे में घटना दुर्घटना ना हो जिसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है.
वर्तमान ब्रिज के समानांतर बना रहे
नया ओवरब्रिज चामुंडा माता चौराहे से वर्तमान ब्रिज के समानांतर तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना का भूमिपूजन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जा चुका है और निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है. यह ब्रिज सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है, ताकि पुराने और नए शहर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो सके और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिले.
रेलवे ने की अपील इधर से न गुजरें
रेलवे विभाग और जिला प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि 5 जनवरी को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक फ्रीगंज ओवरब्रिज और आसपास के क्षेत्र से आवागमन न करें तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें. प्रशासन का कहना है कि यह असुविधा अस्थायी है, यह कार्य उज्जैन के दीर्घकालीन विकास और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए अत्यंत आवश्यक है.
